अंबाला। हिंदू धर्म में, विवाह को सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना जाता है। वैदिक शास्त्रों अनुसार भी शादी एक ऐसा पवित्र समारोह है, जिसे हमेशा शुभ समय पर ही किया जाना चाहिए। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया 16 संस्कारों में विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है। वैदिक ज्योतिष में किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अवश्य करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में किया जाने वाले सभी मांगलिक कार्य सफल और अच्छा फल प्रदान करते हैं। नए साल में जनवरी से जून तक और नवंबर व दिसंंबर में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है।
खरमास आरंभ
ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया खरमास के दौरान कई शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि करने की मनाही होती है। खरमास समाप्त होते ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। साल 2024 में खरमास 15 दिसंबर से शुरू होकर 14 जनवरी 2025 को खत्म होगा। मकर संक्रांति के बाद से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय फिर से उपलब्ध हो जाता है।
2025 के लिए विवाह के शुभ मुहूर्त
जनवरी 16, 17, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 26 और 27
फरवरी 2, 3, 6, 7, 12, 13, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 23 और 25 तारीख
मार्च 1, 2, 6, 7 और 12 तारीख
अप्रैल 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 तारीख
मई 1, 5, 6, 8, 10, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 28 तारीख
जून 2, 4, 5, 7 8 तारीख
नवंबर में 2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25 30 तारीख
दिसंबर में 4, 5 6 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त, यानी कुल 3 शुभ दिन उपलब्ध हैं।
वहीं जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई शुभ मुहूर्त नहीं है, क्योंकि चातुर्मास लग जाएगा।