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अनहद नाद ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त : स्वामी ज्ञान नाथ

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रूहानी सत्संग में मौजूद श्रद्धालु। प्रवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला। निराकारी जागृति मिशन के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने कहा कि अनहद नाद को सुनना ही असली भजन है। महामंडलेश्वर कल्याणपुर आवास विकास एक में आयोजित रूहानी सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि अनहद नाद (ओंकार ध्वनि) पूरे ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त है। अंत समय में इस दिव्य ध्वनि को सुनते हुए शरीर त्यागने वाला ही मोक्ष का अधिकारी होता है। भगवत प्राप्ति का सपना अंतर्मुखी होकर इस अलौकिक संगीत की डोर पकड़ने से ही साकार हो सकता है। संसार का सुमिरण मानसिक तनाव देता है, जबकि निराकार का ध्यान लौकिक बंधनों से मुक्ति दिलाता है। उन्होंने अमृत सिमरण पर कहा कि अपने चेतन स्वरूप का चिंतन ही वास्तविक सुमिरण है।
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