दो मेडिकल स्टोर में भारी मात्रा में मिला स्टेरॉयड, होगी कार्रवाई
पुलिस भर्ती में स्टेरॉयड के दुरुपयोग पर औषधी विभाग ने जांचे 17 मेडिकल स्टोर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पुलिस भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से मांसपेशियां बढ़ाने और शारीरिक दक्षता परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से एनाबॉलिक स्टेरॉयड के संभावित दुरुपयोग की सूचना पर औषधी विभाग सतर्क हो गया है। डिकॉय ऑपरेशन के तहत करनाल, तरावड़ी और नीलोखेड़ी के 17 मेडिकल स्टोर की जांच की गई। इस दौरान दो स्टोर संचालकों ने बिना डॉक्टर के पर्चे के सीधे ही सरकारी डिकॉय (फर्जी ग्राहक) को एनाबॉलिक स्टेरॉयड बेच दिया जबकि जन औषधी केंद्र समेत दो स्टोर पर भारी मात्रा में स्टेरॉयड पड़ा मिला। जिसका रिकार्ड स्टोर संचालक प्रस्तुत नहीं कर पाए।
जांच अभियान का नेतृत्व औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला एवं विकास राठी ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने बताया कि बिना पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के एनाबॉलिक स्टेरॉयड की बिक्री, बिना रिकॉर्ड स्टॉक रखना या औषधियों की खरीद-बिक्री का विधिसम्मत अभिलेख न रखना गंभीर कानूनी उल्लंघन है। जिन चार प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके विरुद्ध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। बिना चिकित्सकीय सलाह के इन दवाओं का उपयोग युवाओं के हार्मोनल संतुलन, हृदय, यकृत (लीवर), गुर्दे तथा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर और स्थायी दुष्प्रभाव डाल सकता है।
मिली अनियमितता
- ग्राहक को थमाया : मेसर्स जतिन मेडिकोज हांसी रोड चौक, कन्हैया मेड स्टोर वाल्मीकि मोहल्ला तरावड़ी ने बिना पर्चे ग्राहक को स्टेरॉयड दे दिया। जतिन मेडिकोज से डेका-ड्यूराबोलिन इंजेक्शन की अवैध बिक्री पकड़ी गई और संबंधित फर्म खरीद-बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी।
- भारी स्टॉक मिला : प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र करनाल और अभि मेडी पॉइंट जीवन नगर में निरीक्षण के दौरान एनाबॉलिक स्टेरॉयड का स्टॉक मिला, जबकि दोनों फर्में इन दवाओं से संबंधित खरीद एवं बिक्री के वैध अभिलेख प्रस्तुत करने में असफल रहीं।