After the protest, the SDM said sitting on the ground among the farmers: I will pick up even if you call at two o'clock in the night
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। किसानों के विरोध के आगे प्रशासन को अपना रुख नरम करना पड़ा। प्रशासन की ओर से पहुंचे अंबाला सिटी एसडीएम हितेष मीना किसानों के बीच जमीन पर बैठ गए। उन्होंने किसानों की सभी समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया और साथ ही कहा कि अगर कोई भी किसान रात दो बजे भी उन्हें फोन करेगा तो वह उनके साथ खड़े हैं। क्योंकि वह स्वयं किसान के बेटे हैं।
एसडीएम हितेष मीना के बयान पर किसानों ने अपने विरोध को खत्म कर दिया और चेतावनी दी कि अगर फिर से कोई समस्या आई तो किसान एक बार फिर धरने पर बैठ जाएंगे। बता दें कि मंडी में आ रही समस्याओं को लेकर सोमवार दोपहर किसान मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही अंबाला सिटी एसडीएम हितेष मीना मौके पर पहुंचे और किसानों के बीच जमीन पर ही पालथी मारकर बैठ गए।
सरकार तंत्र से परेशान किसानों ने एसडीएम के बैठते ही उनके सामने समस्याओं की झड़ी लगा दी। एक के बाद एक किसानों ने समस्याएं गिनानी शुरू कर दी। पहले शेड्यूल पोर्टल बंद होने, शेड्यूल प्रक्रिया को बंद करने और 25 क्विंटल फसल की सीमा को खत्म करने की किसानों ने मांग की। इस दौरान एक किसान ने गांव बलाना में यूपी व अन्य राज्यों से आने वाले धान के बारे में भी जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने किसानों को उपायुक्त के नाम शिकायत लिखने के लिए कहा और तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद काफी समय तक किसानों और एसडीएम के बीच समस्याओं को लेकर बातचीत जारी रही। करीब आधा घंटा की वार्ता के बाद किसानों और एसडीएम के बीच सहमति बनी। जब एसडीएम जाने लगे तो किसान ने कहा कि मार्केट कमेटी कार्यालय के स्टाफ के गले में सरिया फंसा हैं, कृपया उन्हें भी गर्म कर जाएं। जिस पर एसडीएम ने आगे से ही किसानों के साथ सही व्यवहार होने का आश्वासन दिया।
यह बनी है किसानों और एसडीएम के बीच सहमति
किसानों ने एसडीएम को बताया कि शेड्यूल का पोर्टल बंद हो गया है। इस दौरान एसडीएम ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों से बातचीत कर किसानों को सूचना दी पोर्टल को तुरंत चलवा दिया गया है। इसके बाद किसानों ने शेड्यूल सिस्टम को बंद करने की मांग की। मगर एसडीएम के समझाने के बाद भी किसान जब मानने को राजी नहीं हुए तो एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जो भी किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आएगा। उसका तुरंत शेड्यूल व खुद तैयार करवाएंगे और उनकी फसल की खरीद भी जल्द से जल्द की जाएगी। इसके अलावा 25 क्विंटल की सीमा का भी एसडीएम ने कुछ हल निकालने के लिए समय मांगा। इन सभी मांगों पर किसानों और एसडीएम की सहमति बनी। किसानों ने कहा कि अगर इसके बाद किसी भी तरह की कोई समस्या आती है तो वह फिर धरना देने से संकोच नहीं करेंगे।