अंबाला छावनी में रामनगर से गुजरने वाला नाला। संवाद
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अंबाला। मानसून की दस्तक के बाद छावनी नगर परिषद ने पानी की निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। नगर परिषद ने छावनी के 350 छोटे नालों की सफाई के लिए एक एजेंसी को ठेका दे दिया है।
नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने और नालों से गाद निकालने के लिए 35 से 40 लोगों की एक समर्पित टीम तैनात की गई है। कार्य की निगरानी के लिए वार्ड पार्षदों को भी सीधे तौर पर जोड़ा गया है ताकि सफाई में किसी भी तरह की कोताही न बरती जा सके। इस समय छावनी के छोटे नालों की सफाई का बुरा हाल है। कई नाले तो गाद से भरे हुए हैं। हालांकि नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि अब नाला सफाई का कार्य पूरा होने पर संबंधित वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। इसके बाद ही एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। वहीं लोगों का कहना है कि हर बार बारिश के दिनों में ही नालों की सफाई का ठेका दिया जाता है। एक ओर जलभराव से वह परेशान रहते हैं वहीं कागजों में नालों की सफाई का काम पूरा दिखा दिया जाता है।
तीन माह के लिए दिया सफाई का ठेका
नगर परिषद ने संबंधित एजेंसी को तीन माह का समय दिया है ताकि नालों की सफाई जल्द से जल्द हो सके। यह कार्य सितंबर तक हर हालत में पूरा करना होगा। नगर परिषद सफाई कार्य पर प्रतिमाह 7.5 लाख रुपये खर्च करेगा। वार्ड पार्षद की रिपोर्ट पर ही सफाई कार्य की पुष्टि होगी। नगर परिषद का लक्ष्य है कि इस बार मानसून में छावनी क्षेत्र में जलभराव की समस्या पैदा न हो और नालों से पानी सुरक्षित क्षेत्र से बाहर निकल सके।
पार्षद रखेंगे वार्ड के काम पर निगरानी
नगर परिषद की अध्यक्ष स्वर्ण कौर ने स्पष्ट किया है कि कागजी कार्रवाई से ज्यादा धरातल पर काम को प्राथमिकता दी जाएगी। वार्ड पार्षदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में काम की खुद निगरानी करें और संतोषजनक कार्य होने पर ही सफाई प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करें। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर वह कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल या से संपर्क कर सकते हैं ताकि संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।