अंबाला। नगर परिषद के प्रशासक सतिंद्र सिवाच 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। इस कारण दुकानों के स्वामित्व योजना का कार्य अधर में लटक गया है। 100 से अधिक फाइलें ऑनलाइन अप्रूवल के लिए प्रशासक के लॉगिन में हैं।
ऐसे ही 80 के करीब फाइलें डिमांड पत्र के लिए और 73 के करीब फाइलें प्राथमिक स्वीकृति के लिए लंबित हो गई हैं। जबकि नगर परिषद ने अपने हिस्से का काम पहले ही पूरा कर लिया है ताकि अनुमति मिलते ही दुकानदारों की रजिस्ट्री करवाकर सौगात दी जा सके। गौरतलब है कि पहले चरण के तहत 50 दुकानदारों को रजिस्ट्री की सौगात दी जा चुकी है और अब अन्य दुकानों को लेकर नगर परिषद ने लगातार कार्रवाई करते हुए खाका तैयार किया था।
अचानक प्रशासक के छुट्टी पर जाने से जहां स्वामित्व योजना पर असर पड़ा है, वहीं विकास कार्य, ठेकेदारों की पेमेंट और अन्य आगामी योजनाओं पर भी विराम लग गया है। इसी प्रकार एसडीएम कार्यालय से जुड़े चालक लाइसेंस आदि के काम और एक्साइज क्षेत्र से जुड़े काम भी लंबित हो गए हैं।
600 दुकानें, 188 तहबाजारी और 112 लीज होल्डर्स
नगर परिषद के पास मौजूदा समय में 900 दुकानों का लेखा-जोखा है। इसमें लगभग 600 दुकानें हैं। वहीं 188 तहबाजारी के खोके व दुकानें आदि और 112 दुकानें लीज से संबंधित है। पहले चरण में दुकानों को ही स्वामित्व योजना के तहत फायदा मिल रहा है। जल्द ही तहबाजारी और लीज की दुकानों को लेकर भी कार्रवाई शुरु हो जाएगी। इस दौरान ऐसी दुकानों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिनका कोई भी लेखा-जोखा नगर परिषद में नहीं है या फिर किसी दुकान का कोर्ट में केस चल रहा है।
वर्जन
253 दुकानों को लेखा-जोखा तैयार कर दिया गया है। अब प्रशासक की अनुमति का इंतजार है ताकि दुकानों की रजिस्ट्री से संबंधित कार्रवाई पूरी की जा सके। बिना दस्तावेजों के या फिर कोर्ट के मामलों से जुड़ी दुकानों को अभी इस सुविधा से अलग रखा गया है। इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।