फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छुट्टा पशुओं का आतंक आए दिन हो रहे हादसे

विज्ञापन
विज्ञापन
बाला सिटी। शहर में छुट्टा पशुओं का आतंक है। ये पशु अब सड़कों से लेकर कॉलोनियों, सेक्टरों आदि में टहलते देखे जा सकते हैं। इससे शहरवासियों में इनसे चोटिल होने का भय बना रहता है। कई बार ये पशु लोगों को गंभीर रूप से घायल तक कर चुके हैं। कई की हादसे में जान तक जा चुकी है। इसके अलावा इनकी वजह से कई बार सड़कों पर जाम भी लग जाता है।
विज्ञापन

दरअसल ज्यादातर लोग दुधारू गोवंश पालते हैं और जब ये दूध देना बंद कर देती हैं तो इन्हें खुले मेें छोड़ देते हैं। इस प्रकार के सभी गोवंश सड़कों पर आवारा घूमते हैं और राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। दूसरी ओर नगर निगम अंबाला इन्हें पकड़ने में उदासीनता बरत रहा है। दरअसल, गोशाला में क्षमता से ज्यादा रखी गई हैं। लोगों ने निगम से इन्हें पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाने का अनुरोध किया है।
रेलवे रोड पर आए दिन बेसहारा पशु रोड के बीच में ही खड़े रहते हैं। जिस कारण कईं बार अपना दोपहियां वाहन निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेलवे रोड के मुख्य बाजार में रोड तंग होने व बीच में खड़े बेसहारा पशुओं के कारण जाम लग जाता है। -सोनू झांगरा, रेलवे रोड अंबाला सिटी।
विज्ञापन

एसए जैन कॉलेज रोड पर बेसहारा पशुओं का प्रतिदिन जमावड़ा लगा रहता है। पशु सड़क के बीच खड़े रहते हैं। जब कोई राहगीर उनको रोड से हटाने की कोशिश करते हैं तो पशु उनको मारने के लिए दौड़ पड़ते हैं। कईं लोग चोटिल हो चुके हैं। -अमित धीमान, इंद्रपुरी कालोनी, अंबाला सिटी।
रोजाना अपने काम से अंबाला सिटी में आना-जाना करना पड़ता है। मगर, नेशनल हाईवे पर नजदीक मंजी साहिब गुरुद्वारा चौंक पर बेसहारा पशु रोड के बीचों-बीच ही खड़े रहते हैं। जिसकारण वहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो जाता है। -सुखविंद्र सिंह, गांव तेपला, पंजाब निवासी।
गांव गरनाला से प्रतिदिन अंबाला सिटी अपनी दुकान पर आता हूं। बलदेव नगर के नारायणगढ़ रोड पर कईं बार बेसहारा पशुओं के बीच से ही वाहनों की आवाजाही करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा समस्या तो रात के समय होती है। -सुनील कुमार, गांव गरनाला निवासी।
दूध न देने की स्थिति में गायों को खुले में छोड़ देना गलत है। लोगों को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। गोशाला में 500 गाय रखने का प्रावधान है। इस समय करीब 720 गाय गोशाला में रखी गई हैं। यदि प्रशासन हमें दूसरी गोशाला के लिए कोई उचित जगह उपलब्ध करवा दे हम गोशाला बनाने के लिए तैयार हैं। - संदीप सचदेवा, उपाध्यक्ष, केवल मिगलानी गोशाला, अंबाला सिटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें