राजकीय आईटीआई में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मातृभूमि सेवा मिशन के सहयोग से हुआ। इसमें सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान मुख्य अतिथि व आईटीआई प्राचार्य भूपिंद्र सिंह सांगवान सहित अन्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आईटीआई परिसर में लोक मंगल कल्याण के लिए वैदिक यज्ञ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों का उच्चारण कर आहुति डाली गई।
डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की उन्नति उस राष्ट्र के कुशल, ईमानदार, योग्य व कौशल पूर्ण नागरिकों द्वारा होती है। यदि राष्ट्र के सभी नागरिकों को उनकी रुचि, क्षमता, योग्यता के अनुसार व्यवसाय मिलता है और व्यवसाय से संबंधित कौशलों का विकास होता तो उनके कार्यों की उत्पादकता बढ़ती है। इससे उस राष्ट्र के सभी नागरिकों का जीवन स्तर उठता है।
इसके लिए देश के सभी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में श्रीमद्भागवत गीता की व्यवस्था करना आवश्यक है। तभी प्रत्येक व्यक्ति और समाज के लोग कौशल पूर्ण जीवन के साथ अपनी अभिरुचि के अनुसार कार्य कर पाएंगे। इससे समाज का संतुलित विकास होगा। राजकीय औद्योगिक संस्थान, अंबाला शहर के प्रधानाचार्य भूपिंद्र सिंह सांगवान ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता भारत के आध्यात्मिक ज्ञान के गहना के रूप में प्रसिद्ध है। श्रीमद्भागवत गीता उन सभी वैदिक ज्ञान का सार है।
श्रीमद्भागवत गीता केवल ज्ञान का ग्रंथ नहीं है, यह पूर्ण सत्य की पुस्तक भी है। इस मौके पर कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान, अंबाला शहर के प्रधानाचार्य रणबीर सिंह सांगवान, विभागाध्यक्ष लाभ सिंह नैन, वरिष्ठ प्राध्यापक बाबुराम, एसआर प्राइवेट आईटीआई के अध्यक्ष आयुष गुप्ता, सार्थक प्राइवेट आईटीआई के गुरविन्द्र सिंह, डॉ. राजेश ने गीता संवाद कार्यक्रम में प्रभावी रूप से अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका अनीता मोगा ने किया।