गांव ढकौला में वार्डबंदी की लिस्ट में एक ही महिला की 100 वोट कार्ड पर फोटो लगने के बाद सामने आया गड़बड़ी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। ग्रामीणों के विरोध के बाद बीडीपीओ ने जांच कमेटी गठित कर दी थी लेकिन अब उस कमेटी का ही विरोध उठ गया है।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर जांच कमेटी की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताते हुए मीटिंग की और बाद में उपायुक्त डॉ. प्रिंयका सोनी से मिलने अंबाला शहर पहुंच गए। वहां पहुंचने पर उपायुक्त तो नहीं मिली लेकिन सीटीएम मुकुंद से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें वार्डबंदी में गड़बड़ झाले की निष्पक्ष तरीके से जांच करवाने की गुहार लगाई।
बता दें कि तीन दिन पहले ढकौला गांव की वोटर लिस्ट में एक ही महिला की करीब सौ वोटर कार्ड में फोटो लगी होने के कारण सभी हैरान थे। जबकि कुछ ओर अनियमितताएं पाए जाने पर ग्रामीणों में रोष था। पहले तो उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय साहा में जमकर रोष जताया और धरना देते हुए नारेबाजी की। दो दिन बाद बीडीपीओ ने जांच कमेटी गठित कर दी थी ताकि मामले की जांच हो सके। जैसे ही कमेटी गांव में पहुंची तो वहां पर दो पक्षों में विवाद हो गया। मामला थाने पहुंच गया। ग्रामीण प्रवीण शर्मा, अजय आदि कहा था कि जिन ग्रामीणों ने वार्ड बंदी में गड़बड़ी का मामला उजागर किया है, जांच कमेटी उन्हीं को बिना सूचित किए पहुंच गई और एक बंद कमरे में वार्ड बंदी कर रही थी। जिसे सरासर गलत बताया। उन्होंने ग्रामीणों ने फर्जी वोटों पर भी सवाल खड़े किए हैं।