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प्रदेश के रंगकर्मियों पर कोविडकाल में दोहरी मार,हरियाणा अनुसूचित जाति कलाकार कल्याण संघ का फूटा गुस्सा

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अंबाला। हरियाणा कला परिषद की ओर से प्रदेश के 24 रंगकर्मियों को ब्लैक लिस्ट करने का विरोध हो रहा है। हरियाणा अनुसूचित जाति कलाकार कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष बुधराम मट्टू ने इसे दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि किसी कलाकार को ब्लैक लिस्ट करना कतई न्याय संगत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड काल में इस कार्रवाई से कलाकार काफी आहत हैं। मट्टू ने हरियाणा कला परिषद की ओर से की गई इस कार्रवाई की जांच की मांग की है।
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मट्टू ने बताया कि हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन की ओर से हरियाणा के 24 कलाकारों के नाम सहित एक सूची बनाकर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और उत्तर मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद को भेजी गई है। इस सूची में साफ लिखा गया है कि सरकार के खिलाफ काम करने पर इन कलाकारों को ब्लैक लिस्ट किया गया है, इसलिए इन्हें कोई काम नहीं दिया जाए। उन्होंने बताया कि इसके बाद हरियाणा के ये 24 कलाकार इन दोनों सांस्कृतिक कला केंद्रों में ब्लैक लिस्ट कर दिए गए हैं।
इस कार्रवाई से कलाकारों में खलबली मची हुई है। इस बारे में जब रोहतक जोन के एडिशनल डायरेक्टर और सीएम के ओएसडी गजेंद्र फौगाट और विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डी सुरेश को पत्र लिखकर ब्लैक लिस्ट करने के बारे में जानकारी मांगी गई, तो दोनों अधिकारियों की ओर से जवाब मिला कि उन्होंने इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया है। मट्टू के अनुसार ब्लैक लिस्ट किए गए कलाकारों के पत्र पर हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन के हस्ताक्षर थे। उन्होंने इस संबंध में सरकार से मांग की है कि निदेशक संजय भसीन से तत्काल जवाब तलब करना चाहिए कि कलाकारों ने आखिर कौन सा गुनाह किया था, जिसके बाद उन्हें ब्लैक लिस्ट करने का कदम उठाया गया।
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मजबूर होकर सड़क पर उतरे तो ब्लैक लिस्टेड करने का आरोप
मट्टू का आरोप है कि कोविड काल में हरियाणा के चुनिंदा चहेते कलाकारों को छोड़कर, अन्य जरूरतमंद कलाकारों को काम नहीं मिला। इसके चलते मजबूर होकर कलाकारों को सड़कों पर आने के लिये विवश होना पड़ा था। इसी वजह से निदेशक संजय भसीन ने इन कलाकारों पर सरकार विरोधी होने का ठप्पा लगाकर उन्हें ब्लैकलिस्ट करा दिया। मट्टू के मुताबिक जिन 24 कलाकारों को ब्लैक लिस्ट किया गया है उनमें सिर्फ एक कलाकार विश्वदीपक त्रिखा ही हैं, जो कि सामान्य वर्ग से संबंधित हैं। त्रिखा के अलावा ब्लैकलिस्ट किए गए अन्य 23 कलाकार जरूरतमंद, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर दलित एवं पिछड़े वर्ग से संबंधित हैं।
दलित एवं पिछड़े कलाकारों के साथ पहले भी भेदभाव : मट्टू
मट्टू का आरोप है कि दलित एवं पिछड़े कलाकारों के साथ पहले भी भेदभाव होता रहा है। इसी भेदभावपूर्ण कार्रवाई को देखते हुए उन्हें कोविड काल के बीच हरियाणा अनुसूचित जाति कलाकार कल्याण संघ का गठन 29 मार्च 2021 को किया था। इसके बाद कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा था कि हरियाणा कला परिषद में अनुसूचित जाति के अनुभवी कलाकारों को उपाध्यक्ष व निदेशक के पदों पर नियुक्ति दी जाए, क्योंकि 25 साल हो चुके हैं कला परिषद की स्थापना को, लेकिन इन पदों पर किसी भी दलित को अवसर नहीं दिया गया।
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