अंबाला। धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश उत्सव के संबंध में आयोजित 9 दिवसीय 27वें गुरमत समागम का मंगलवार समापन हो गया। गुरमत समागम केंद्रीय गुरपर्व कमेटी, सभी गुरुद्वारों के रागी सिंहो व ग्रंथी सिंहो के सहयोग से करवाया गया। समापन अवसर पर पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में सुबह श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए। श्री अखंड पाठ की सेवा सरदार सुरेंद्र सिंह ने परिवार सहित की, सरदार सुरेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अनिल विज के स्वस्थ होने पर 5 तारीख को श्री अखंड पाठ साहिब रखवाए थे।
इस मौके पर दिल्ली से आए अखंड कीर्तनी भाई दविंदर सिंह ने सुबह 8 बजे से लेकर 9.30 बजे तक संगत को कीर्तन द्वारा निहाल किया। इससे पहले सुबह 7 बजे से 8 बजे तक हजूरी रागी पंजाबी गुरुद्वारा भाई सुखदेव सिंह ने कथा-कीर्तन किया। इस मौके पर फॉनिक्स क्लब के चेयरमैन संजीव वालिया, सदर बाजार प्रधान विकास बत्रा, कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व उप प्रधान अजय बवेजा, युवा प्रधान इकबाल डांडा, अमन सिंह शेरा, सतपाल ढ़ल, बब्बू सोनी, कमल जैन, महिला मंडल प्रधान नीरू अग्रवाल ने गुरुद्वारा साहिब में पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। समागम की समाप्ति पर गुरुद्वारा प्रधान बीएस बिंद्रा ने श्रद्धालुओं को सिरोपे देकर सम्मानित किया। समाप्ति उपरांत गुरु का अटूट लंगर बांटा गया। इस अवसर पर चेयरमैन बलदेव सिंह सेठी, महासचिव हरविंदर सिंह नीटू, राजेंद्र सिंह राजा, सतनाम सिंह, अमरप्रीत राजू, गुरमीत सिंह कालड़ा, सतनाम सिंह व सभी गुरुद्वारों के प्रबंधक मौजूद रहे।
मंजी साहिब में भी सजे दीवान, सतनाम श्री वाहे गुरु की रही गूंज
अंबाला सिटी। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश उत्सव गुरुद्वारा मंजी साहिब में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंगलवार की सुबह 6 बजे गुरुद्वारा सत संगत साहब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया में नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन की समाप्ति सुबह 9 बजे गुरुद्वारा मंजी साहिब में हुई। गुरुद्वारा मंजी साहिब में रागी सिंहो ने कीर्तन व कथा वाचकों ने गुरु इतिहास सुनाया।
इस मौके पर मौजूद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदस्य हरपाल सिंह पाली ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश 1604 ई. में दरबार साहिब अमृतसर में किया गया। दरबार साहिब की पहले ग्रंथी बाबा बूढ़ा जी को बनाया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में पांच गुरुओं, 15 भक्तों, 11 भटों व 4 गुरसिखों की बाणी शामिल है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी वहम और भ्रमों से दूर करते हुए सारी मानव जाति को एक समान समझने का उपदेश देती है। इस मौके पर मुख्य तौर पर गुरुद्वारा मंजी साहिब मैनेजर स. कुलदीप सिंह, हैड ग्रंथी भाई सतनाम सिंह, रविंदर सिंह सोनू, रणजीत सिंह विक्की व रणबीर सिंह फौजी आदि मौजूद रहे।
9 divaseey samaagam ke antim din umada shraddha ka sailaab- फोटो : Ambala