अंबाला सिटी। सितंबर 2026 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। पिछले साल 14 मौतों के मुकाबले इस साल 27 लोगों ने जान गंवाई।
सितंबर 2025 में 27 हादसों में 14 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सितंबर 2026 में 48 हादसों में 27 जानें गईं। इस दौरान 35 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। प्रशासन हादसों में 20 फीसदी कमी लाने के लक्ष्य से काफी पीछे छूट गया है।
सितंबर 2026 तक मौतों का आनुपातिक लक्ष्य 165 था, लेकिन वास्तविक संख्या 214 तक पहुंच गई। यह लक्ष्य से 49 अधिक मौतें हैं, जो 29.69 फीसदी की विफलता दर्शाती है। सबसे अधिक जानें राजमार्गों पर जा रही हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के मार्गों पर 32 हादसों में 20 लोगों की मौत हुई। वहीं, पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर 13 दुर्घटनाओं में सात लोगों ने जान गंवाई।
हादसों के मुख्य कारण : सितंबर में हुई 26 घातक दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चला है कि 16 दोपहिया वाहन चालक और नौ पैदल राहगीर मारे गए।
ओवरस्पीडिंग, गलत लेन ड्राइविंग, खुले मीडियन और अवैध कट मौतों की प्रमुख वजहें हैं। सड़क सुरक्षा समिति ने ब्लैक स्पॉट पर स्पीड लिमिट बोर्ड, कैट आईज और जेब्रा मार्किंग लगाने के निर्देश दिए हैं। अवैध कटों पर जर्सी बैरियर लगाने को भी कहा है। ब्यूरो