अंबाला सिटी। दस वर्ष के बच्चे के साथ कुकर्म करने के मामले में शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत में एडीजे मन पाल रमावत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने की दशा में सात माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा, जिस समय यह अपराध हुआ था उस समय दोषी नाबालिग था। इसके बाद जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने दोषी को सीआईसीएल में भेज दिया था। अब दोषी 19 साल का हो चुका है ऐसे में कोर्ट ने कहा कि 21 वर्ष की उम्र तक दोषी को सीआईसीएल करनाल में रखा जाए। इसके बाद उसे अंबाला सेंट्रल भेज में भेजा जाए, जिससे कि वह अपनी आगे की सजा वहां काट सके।
दरअसल यह मामला फरवरी 2021 का है। जब अंबाला छावनी क्षेत्र में एक 10 साल के बच्चे के साथ एक नाबालिग ने कुकर्म किया था। इस दौरान पुलिस को दी शिकायत ने परिजनों ने बताया कि था कि वह उत्तर प्रदेश के शामली के निवासी हैं । मौजूदा समय में अंबाला छावनी के एक क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे हैं। उसका पति मजदूरी करता है और वह घर में काम करने का काम करती है। फरवरी 2021 में उसके पति घर पर सो रहे थे और वह काम पर गई थी। वहीं बेटा घर से बाहर खेलने गया था। कुछ देर बाद बेटा घर पर रोते हुए आया, पूछा तो उसने बताया कि एक नाबालिग ने उसके साथ गंदा काम किया है। आरोपी भी पीड़ित के घर के पास ही रहता था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस काे सूचना दी। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया।