झज्जर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम वीरवार को विजय नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारा। अधिकारियों ने सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। वीरवार को हुई इस कार्रवाई में पीएनडीटी के विशेषज्ञों के अलावा चंडीगढ़ निदेशक के प्रतिनिधि भी यहां मौजूद रहे।
प्रारंभिक रुप से हुई इस जांच के दौरान विभाग के अधिकारियों को यहां दस्तावेजों में काफी गलतियां मिली हैं। इनकी गहराई से जांच चल रही है और उन्हें उम्मीद भी है कि जांच के बाद काफी पुख्ता सबूत सामने आएंगे।
इस नर्सिंग होम पर की गई छापामार कार्रवाई को बहादुरगढ़ में विभाग की ओर से की गई जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। बहादुरगढ़ में दो दिन पहले स्वास्थ्य निदेशक के आदेशानुसार की गई कार्रवाई में विभाग के काबू आई मंजूलता ने इस बात का खुलासा किया था कि कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्र में भ्रूण के लिंग की जांच करवाई जाती है।
गर्भपात की आरोपी मजूंलता ने प्रारंभिक पूछताछ में यहां के सेंटर का भी नाम लिया था। इसके आधार पर विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार देर शाम संबंधित नर्सिंग होम मेें कार्यरत अल्ट्रासाउंड रूम को सील कर दिया था। सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़, डिप्टी सिविल सर्जन रोहतक डॉ. कुलदीप, डॉ. कुमुद शर्मा, डॉ. ज्योति के अलावा एफडीए की टीम से मनमोहन तनेजा, राकेश दहिया और नृपेन गोयल बतौर प्रतिनिधि स्वास्थ्य निदेशक यहां मौजूद थे।
प्रारंभिक जांच में मिलीं खामियां
सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने बताया कि प्रारंभिक रुप से जो बात सामने आई है उसके मुताबिक जो सोनोलोजिस्ट यहां कार्य कर रहे हैं उनका विभाग के साथ किया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी उपयुक्त स्थान पर नहीं लगा हुआ है। जबकि अल्ट्रासाउंड के दौरान जो दस्तावेज जिस फारमेट में तैयार होते हैं उनमें भी काफी खामियां मिली है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी पूरी जांच होनी शेष हैं और क्या-क्या कमियां सामने आती हैं वह आगे की जांच के बाद पता चलेगा। उधर, विभागीय सूत्रों का यह भी कहना हैं कि एमपीटी के तहत होने वाली जांच से संबंधित नर्सिंग होम का रिकार्ड विभाग के साथ अपडेट नहीं हैं जो कि स्वयं में एक बहुत बड़ी कमी हैं।
सोनोलोजिस्ट के लिए ये हैं नियम
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप एवं राकेश दहिया ने बताया कि किसी भी अल्ट्रासाउंड में कार्य देख रहे सोनोलोजिस्ट का जिला स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन किया जाना जरूरी होता हैं और नियमानुसार एक सोनोलोजिस्ट एक जिले में दो स्थानों पर ही कार्य कर सकता है जबकि यहां कार्यरत डॉ. नवीन कुमार झज्जर के अलावा बल्लभगढ़ में भी रजिस्टर है। जो कि नियमानुसार गलत है। उधर, नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. विजय धनखड़ का कहना है कि उनके यहां कोई गलत कार्य नहीं होता और अगर विभाग को किसी प्रकार का कोई अंदेशा हो तो उसकी जांच की जा सकती है।