जेबीटी भर्ती घोटाला मामले में पूर्व सांसद एवं जननायक जनता पार्टी नेता अजय चौटाला की गुरुवार को साल की सजा पूरी हो गई। कोरोना महामारी के कारण वह करीब नौ माह से पैरोल पर चल रहे थे। उन्होंने गुरुवार को तिहाड़ जेल में आकर अपनी सजा पूरी होने की औपचारिकता पूरी की। इसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने उनकी रिहाई के आदेश जारी कर दिए। इस मामले में उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला की सजा करीब आठ माह पहले पूरी हो गई थी।
रोहिणी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 16 जनवरी 2013 को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला समेत तीन सरकारी अधिकारियों को जेबीटी भर्ती घोटाले के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के कारण ओमप्रकाश चौटाला की करीब आठ माह पहले विशेष छूट के तहत सजा पूरी हो गई थी। अजय चौटाला ने सजा के दौरान समय-समय पर दो साल सात माह और 24 दिन पैरोल पर रहे। अजय चौटाला की रिहाई के बाद जजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
बदल गई हरियाणा की राजनीति
जनवरी 2013 में जब अजय चौटाला व ओम प्रकाश चौटाला को सजा हुई तो दोनों एक ही पार्टी इनेलो में थे, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और भाजपा अपना आधार तलाश रही थी। लेकिन अब 9 साल बाद हरियाणा की पूरी राजनीति बदल चुकी है। 2014 में कांग्रेस के हाथ से सत्ता चली गई और पूर्ण बहुमत के साथ मोदी लहर में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर हरियाणा में सरकार बनाई। 2019 विधानसभा चुनावों से पहले इनेलो व बसपा गठबंध के कारण प्रदेश में इनेलो कार्यकर्ताओं में गठबंध की सरकार बनने की उम्मीद जगी, लेकिन चुनाव से पहले इनेलो ही दो फाड़ हो गई और अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला ने इनेलो से निकाले जाने के बाद जननायक जनता पार्टी का गठन किया। इस चुनाव में इनेलो की मात्र एक सीट आई और नई पार्टी जजपा ने प्रदेश में दस सीटों पर जीत दर्ज की। 2019 में भाजपा बहुमत के आंकड़े को नहीं छू सकी और प्रदेश में जजपा के सहयोग से सरकार बनी व अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने वहीं भाजपा के मनोहर लाल ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वर्तमान में प्रदेश में गठबंधन की सरकार है और शिक्षक भर्ती घोटाले में एक साथ जेल गए पिता-पुत्र अब अलग-अलग पार्टियां के नेता हैं।
दुष्यंत चौटाला ने किया फोटो शेयर
दुष्यंत चौटाला ने अपने पिता की रिहाई पर खुशी जताते हुए एक फोटो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि एक परिवार और एक पार्टी के तौर पर आज हमारे लिए 9 साल 25 दिन के बुरे सपने का अंत हो गया। आपकी निरंतर उपस्थिति एक बहुत आवश्यक आशीर्वाद होगा। आप हमारे हीरो हैं।
भावुक होकर दिग्विजय ने कहा- नहीं भूल पाएंगे 9 सालों की पीड़ा, अनमोल है आजादी
जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला की रिहाई पर जेजेपी प्रधान दिग्विजय चौटाला ने भावुक होकर कहा कि, फ्रीडम इज प्राइसलेस। उन्होंने कहा कि वह 9 सालों की पीड़ा भूल नहीं पाएंगे। उन्हें याद है कि जब उनके पिता से मिलने के लिए उन्हें जून-जुलाई की तपती धूप के अंदर तिहाड़ जेल के मुख्य द्वार से प्रवेश करके दो तीन किलोमीटर पैदल चलकर जेल नंबर-2 के मुलाकात कक्ष तक जाना होता था। अपने पिता से मुलाकात करके उनके मैले कपड़ों का ढेर अपने कंधे पर लेकर वापस आना होता था। दिग्विजय ने कहा कि बिना किसी दोष के उनके पिता, परिवार, समर्थकों ने बड़ा कष्ट तो झेल लिया लेकिन हम भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों को भी कभी ऐसे दिन न देखने पड़े। उन्होंने कहा कि हमारे मार्गदर्शक डॉ अजय चौटाला ने यही सिखाया है कि राजनीति में कभी निजी नहीं होना चाहिए बल्कि जन सेवा में समर्पित भाव से आगे बढ़ना चाहिए बाकि जनता अपने आप न्याय कर देती है।
दुष्यंत का ट्विट : वेलकम होम पिता जी
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि डॉ. अजय सिंह चौटाला हमारे हीरो हैं। अब उनकी नियमित उपस्थिति हमारे लिए आशीर्वाद रूपी सहारा बनेगी और वे हमारे नायक हैं। डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर कहा कि पिता को वापस घर में देखकर सभी बेहद खुश हैं और आज हमारे परिवार और पार्टी के लिए 9 साल 25 दिनों का बुरा सपना भी खत्म हुआ।
वहीं जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि पार्टी के डॉ अजय सिंह चौटाला कानूनी प्रक्रिया के तहत आज अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता से जेजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है। निशान सिंह ने कहा कि उनकी सक्त्रिस्यता और नेतृत्व से पार्टी की गतिविधियों को और बल मिलेगा।
विवाद होने पर घोटाला उजागर हुआ था
जेबीटी घोटाला उजागर करने में तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। उसने इस मामले की जांच के संबंध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने वर्ष 2003 में घोटाले की जांच शुरू की।
खास बात यह है कि सीबीआई ने इस मामले में संजीव कुमार को भी आरोपी बना लिया। दरअसल, सीबीआई ने उन्हें भी घोटाले में दोषी माना। सीबीआई ने वर्ष 2008 में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया था, जिसके मुताबिक वर्ष 1999-2000 में हरियाणा के 18 जिलों में 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती करने के दौरान मानदंडों को ताक पर रखकर मनचाहे अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई थी। सीबीआई ने जनवरी 2004 में ओमप्रकाश चौटाला, उनके विधायक पुत्र अजय चौटाला, उनके तत्कालीन विशेष कार्य अधिकारी आईएएस विद्याधर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार रहे शेर सिंह बड़शामी, राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार सहित 62 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।