हरियाणा के जिले कैथल में बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस कर रहे बीएएमएस डॉक्टरों पर गाज गिर सकती है। हरियाणा आयुर्वेदिक बोर्ड ने जिले में प्रैक्टिस कर रहे सभी रजिस्ट्रर्ड और बिना रजिस्टर्ड अस्पताल व चिकित्सा की दुकानें चला रहे डॉक्टरों की सूची मांगी है।
पूरी जानकारी एकत्रित होने के बाद आगामी 25 सितंबर को होने वाली बैठक में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
विभाग के अनुसार बीएएमएस या बीयूएमएस को चिकित्सक कार्य के लिए बोर्ड से लाइसेंस लेना पड़ता है।
जिले में हालत यह है कि लाइसेंस धारक चिकित्सकों की संख्या बहुत कम है और झोला छाप चिकित्सकों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार बिना रजिस्टर्ड डॉक्टरों के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बोर्ड ने मांगी जानकारी
आयुर्वेदिक बोर्ड के अनुसार पत्र जारी कर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में प्रैक्टिस कर रहे सभी ऐसे डॉक्टरों की सूची उपलब्ध करवाई जाए। जो बीएएमएस हैं। चाहे वे रजिस्टर्ड हैं या नहीं।
आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 150 चिकित्सक ही ऐसे हैं, जिनके पास मरीजों की जांच के लिए लाइसेंस हैं, जबकि झोला छाप चिकित्सकों की संख्या 500 के करीब है।
बोर्ड के आदेशों के बाद ऐसे चिकित्सकों की सूची मांगने के बाद झोला छाप डाक्टरों में हड़कंप मच गया है। इन डॉक्टरों के अलावा ऐसे सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टर हैं, जो थोड़ा बहुत ज्ञान हासिल करने के बाद अपने ही क्लीनिक खोल कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
इस मामले में आयुष विभाग के इंचार्ज और आयुर्वेद/युनानी चिकित्सा प्रणाली बोर्ड हरियाणा के सदस्य डॉ. जितेंद्र गिल ने कहा कि जनता की भलाई और अपनी भलाई के लिए सभी चिकित्सकों को जल्द से जल्द पंजीकरण करवा लेना चाहिए।