बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखते हुए
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए
अपने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है।
हसला की राज्यस्तरीय
आपात बैठक में चार घंटे के मंथन के बाद शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी
मांगें नहीं मानी जाती मूल्यांकन शुरू नहीं किया जाएगा। बैठक में सप्ताह भर
के आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। स्कूल लेक्चरर सात नवंबर से मूल्यांकन का
बहिष्कार कर रहे हैं। उनके समर्थन में एडेड, प्राइवेट और गेस्ट टीचर भी
मूल्यांकन नहीं कर रहे हैं। इससे लगभग साढ़े तीन लाख विद्यार्थी प्रभावित
हो रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग आदेश जारी कर कहा चुका है जो लेक्चरर पेपर
चेक नहीं करेगा उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, लेकिन यह धमकी बेअसर नजर
आ रही है।
ऐसे चलेगा आंदोलन
हसला प्रदेशाध्यक्ष दयानंद दलाल ने
कहा कि प्राध्यापक बच्चों के हितों को प्रभावित नहीं करेंगे और पढ़ाई का
काम जारी रखेंगे। शिक्षा विभाग ने प्राध्यापकों को स्कूलों से रिलीव करने
के शुक्रवार को आदेश दिए थे।
सोमवार को मार्किंग केंद्र पर
जाकर वे प्रदर्शन करेंगे। मंगलवार और बुधवार को साढ़े 12 हजार प्राध्यापक
मॉस कैजुअल लीव लेकर मार्किंग केंद्रों पर प्रदर्शन करेंगे। वीरवार और
शुक्रवार को प्राध्यापक अपने-अपने स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे और
सायं तीन से पांच बजे तक सभी डीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को
मार्किंग केंद्र पर तीन से पांच बजे तक धरना देंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने
चेतावनी दी कि इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो 11 दिसंबर को शिक्षा सदन पर
प्रदेशस्तरीय रैली होगी। हसला प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्राध्यापक बोर्ड को
विद्यार्थियों के सीसीई अंक (सतत मूल्यांकन) भी नहीं भेजेंगे। अपनी मांगों
को दोहराते हुए हसला नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार केवल लॉलीपॉप
देकर काम निकालना चाहती है, लेकिन इस बार वे पीछे नहीं हटेंगे।
ये रहे मौजूद
प्रदेशाध्यक्ष
दयानंद दलाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष
किताब सिंह मोर, अनिल यादव, जोगेंद्र बेनीवाल, हसला संरक्षक रामफल सहरावत,
महासचिव रविंद्र कुमार के अलावा विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
झज्जर जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह ने सभी का आभार जताया।
लेक्चरर कर रहे मनमानी, मांगें पहले ही मानी : भुक्कल
शिक्षा
मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि प्राध्यापक वर्ग मनमानी कर रहा है, जबकि
उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन उनके कार्य का हिस्सा है। भुक्कल ने कहा कि
प्राध्यापकों का पदोन्नति का अनुपात 67:33 करने के अलावा अन्य मांगें भी
मानी जा चुकी हैं। पीजीटी के बजाय लेक्चरर का दर्जा देने का आश्वासन दिया
जा चुका है, जबकि ग्रेड के मामले में फाइल वित्त विभाग में है। मगर
प्राध्यापक हठधर्मिता से अपनी मांगें मनवाना चाहते हैं। संगठन से बातचीत के
सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार उनसे बात की है, मगर हसला का
मूल्यांकन नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान होगा शुरू
शिक्षा
मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही देश में
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) शुरू होगा। इसकी तैयारियों को
लेकर सोमवार को बंगलूरू में होने वाले राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के अखिल
भारतीय सम्मेलन में वे भी हिस्सा लेंगी। कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती से
संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग को नई
भर्ती के लिए स्वीकृति भेज दी गई।
उत्तरपुस्तिकाओं का
मूल्यांकन करवाने के लिए बोर्ड प्रयासरत है। शनिवार को स्कूलों से टीचर्स
को रिलीव किया गया है। सोमवार को मूल्यांकन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। किसी
प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए पुलिस मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात
रहेगी। इसके लिए सभी एसपी को पत्र लिखे गए हैं।
- डॉ. अंशज सिंह, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड