गुजरात में धर्मांतरण का रैकेट चलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि धर्मांतरण के लिए दोनों आरोपियों ने हवाला के जरिए 60 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसमें से 19 करोड़ रुपए यूके, यूएई, यूएस से दुबई के रास्ते आए थे। वडोदरा पुलिस कमिश्नर शमशेर सिंह ने बताया कि इन पैसों से धर्मांतरण के साथ-साथ पांच राज्यों में 103 मस्जिदों का निर्माण भी कराया गया है।
सरकार विरोधी प्रदर्शन के लिए भी होती थी फंडिंग
गिरफ्तार किए गए आरोपी जम्मू-कश्मीर से हैं। पुलिस का कहना है कि सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए भी हवाला फंड का इस्तेमाल होता था। इसके लिए भी करोड़ों रुपये चंदे के रूप में दुबई के रास्ते भारत पहुंचते थे।
संसोधन पर हाईकोर्ट की ना
इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने नए धर्मांतरण रोधी कानून की धारा पांच पर लगी रोक को हटाने से जुड़ी राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। धर्म की आजादी (संशोधन) बिल 2021 की धारा पांच के तहत किसी भी व्यक्ति को धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित करने के लिए धार्मिक पुजारियों को जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा जिन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है, उन्हें भी एक निर्धारित प्रपत्र में जिला मजिस्ट्रेट को इसकी सुचना देनी होगी।
जबरन धर्म परिवर्तन पर 5 साल तक की सजा
गुजरात में यह नया कानून 15 जून को अस्तित्व में आया था। इसके तहत पांच साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। इसे धार्मिक स्वतंत्रता एक्ट, 2003 में संशोधन करके लाया गया था। सरकार ने इस अधिनियम में पीड़िता के नाबालिग होने पर 7 साल तक की कैद और 3 लाख रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए भी कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है।