इंदौर की तरह गोरखपुर को साफ सुथरा बनाने के लिए आने वाले समय में कई बदलाव होंगे। अधिकारियों से लेकर सुपरवाइजरों को वायरलेस सेट दिए जाएंगे। वहीं वाहनों पर नजर रखने के लिए जोनल वाहन सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। सभी पांच जोन में एक-एक सुपरवाइजर आउटसोर्सिंग से तैनात होंगे।
देश के सबसे साफ-सुथरे शहरों में शुमार इंदौर की तर्ज पर गोरखपुर को भी संवारा जाएगा। इसके लिए नगर निगम की व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। शुरुआत वाहनों पर निगरानी बढ़ाने व संचार से होगी।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह के नेतृत्व में इंदौर गई अधिकारियों की टीम वहां की व्यवस्था को देखी और प्रबंधन के तरीकों को परख रही है। इंदौर मॉडल को गोरखपुर में लागू करने को लेकर नगर आयुक्त ने बताया कि वायरलेस सेट देने से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। अधिकारी व कर्मचारी लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे। सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से होगा। नगर आयुक्त के साथ मुख्य अभियंता संजय चौहान व सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणि भूषण तिवारी भी इंदौर गए हैं।
घरों से ही कूड़े की छंटनी पर बढ़ेगा फोकस
नगर आयुक्त ने कहा कि घरों से ही कूड़े को अलग-अलग उठाने की व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर फोकस किया जाएगा। इससे कूड़े का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। लोगों को गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।