गुस्साए अधिवक्ताओं ने एक घंटे तक नहीं उठाने दिया शव
कचहरी पार्किंग में सरेआम हुई हत्या की घटना के बाद गुस्साए, अधिवक्ताओं ने एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने शव उठाने से रोक दिया। सूचना के बाद एडीजी, डीआईजी और एसएसपी सहित अन्य अधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिला जज के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
दुष्कर्म की घटना, जो हत्या का कारण बनी
दिलशाद पर आरोप था कि उसने 11 फरवरी 2020 को 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया और फरार हो गया था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने 17 फरवरी 2020 को केस दर्ज कर दिलशाद को हैदराबाद से गिरफ्तार करके जेल भेजा था। दुष्कर्म के साथ ही, लड़की के नाबालिग होने की वजह से पॉक्सो एक्ट में 23 मार्च 2020 को दिलशाद के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की गई थी।
अभियुक्त दिलशाद गोरखपुर जेल में लंबे समय से बंद था। करीब एक माह पहले ही वह जमानत पर छूटा था। पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज होने की वजह से मामले की सुनवाई तेजी से हो रही थी। हत्यारोपित सेवानिवृत्त फौजी का आरोप है कि जमानत से बाहर आने के बाद, दिलशाद ने उसका और उसके परिवार का जीना दूभर कर दिया था। उसके पास खुद को या दिलशाद को मारने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था। लिहाजा, उसने दिलशाद को मार डाला।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि दिलशाद को बड़हलगंज पुलिस ने दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो के आरोप में जेल भेजा था। वह इस समय जमानत पर बाहर था। शुक्रवार को तारीख पर आया था। कचहरी के बाहर था, तभी दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या आरोपी को गिरफ्तार कर, पिस्टल बरामद कर ली गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में है।