विटामिन डी, बी-12 की कमी से युवा खतरनाक टेंडनाइटिस के शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह उनके हर हिस्से के जोड़ों में दर्द उभर रहा है। हल्की चोट पर कोहनी, कलाई और घुटने तक फ्रैक्चर हो जा रहे हैं। ऐसे मरीज रोजाना हड्डी रोग विभाग के ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज नौकरी पेशा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वजन उठाने या चोट लगने से कंधे, कोहनी, कलाई, घुटने या फिर एड़ी में दर्द है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि टेंडन ऊतकों का वह रेशेदार समूह है, जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ता है और तनाव को बर्दाश्त करने की क्षमता प्रदान करता है। किसी वजह से टेंडन में सूजन आने या दर्द होने की वजह से ही टेंडनाइटिस होता है। ऐसे मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन ओपीडी में आठ से 10 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक नौकरीपेशा और युवा शामिल हैं।
बताया कि शरीर में विटामिन-डी, विटामिन बी-12 और आयरन जैसे आवश्यक तत्वों की कमी होने से यह बीमारी होती है। इसके अलावा तनाव, रुमेटायड आर्थराइटिस, गठिया, गाउट, सीरियाटिक गठिया, थायरायड और शुगर में भी शरीर के विभिन्न टेंडन में टेंडनाइटिस की समस्या देखने को मिल रही हैं। यह बीमारी दवा की प्रतिक्रिया या फिर किसी कीटाणु के संक्रमण से भी हो जाती है।
बताया कि इस तरह के मरीजों को ज्यादा देखभाल की जरूरत है। क्योंकि, लोग इस बीमारी को बेहद हल्के में लेते हैं, लेकिन हल्की चोट में भी इसकी वजह से लोगों के कोहनी, कूल्हे, घुटने के फ्रैक्चर होने की आशंका 80 प्रतिशत से अधिक हो जाती है। इसकी वजह से लोगों को चलने और बैठने तक में दिक्कत होने लगती है। ऐसी स्थिति में अगर जोड़ों में दर्द है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
सेंकाई और थेरैपी जरूरी
प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि टेंडनाइटिस के लक्षण महसूस होने पर शरीर को तनाव देने वाली गतिविधियों को तत्काल बंद कर दें। इससे प्रभावित हिस्से की बर्फ से 5-7 मिनट तक दिन में 4 से 6 बार सेंकाई करें। लंबे समय से हो रहे टेडनाइटिस में गरम पानी की सेंकाई की जा सकती है। यदि 3-4 दिन में आराम न मिले तो डॉक्टर से परामर्श लें।
इलाज में न करें देरी
प्रो. डॉ. अमित मिश्रा ले बताया कि कभी-कभी टेंडनाइटिस के दर्द को जोड़ या हड्डी का दर्द भी समझ लिया जाता है। इस कारण इलाज में देरी हो जाती है। टेंडनाइटिस की पुष्टि के लिए साधारण जांच कर सकते हैं। टेंडन में हल्का सा खिंचाव देने पर अगर दर्द बढ़ जाता है, तो समझा जा सकता है कि यह दर्द टेंडनाइटिस का है।