गोरखपुर जिले के कैंट थाने में दर्ज अपहरण केस की फाइल तीन साल बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के आदेश पर फिर खोली गई तो कथित अपहृत युवक मंजीत को पुलिस ने गुजरात के पिज्जा हट से बरामद कर लिया है। तीन साल से मंजीत के घरवाले उसकी बरामदगी की आस में दर-बदर अफसरों के पास गुहार लगा रहे थे, मगर पुलिस ने पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी थी। अफसर भी इस पर खास पहल नहीं कर रहे थे, पर 29 सितंबर को एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के आदेश पर कैंट पुलिस ने जांच शुरू की तो 20 दिन में ही सर्विलांस की मदद से मंजीत को खोज लिया गया। पुलिस ने इसकी जानकारी घरवालों को दी तो सबने राहत की सांस ली है।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच थाना क्षेत्र के हेमधापुर निवासी संदीप कुमार कन्नौजिया ने 29 सितंबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। संदीप ने बताया था कि उसका भाई मंजीत 2018 में लापता हो गया था। कैंट पुलिस ने 24 दिसंबर 2018 को हत्या की नीयत से अपहरण करने की धारा में केस दर्ज कर लिया था। जांच में उस समय पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हो पाया था। लिहाजा, पुलिस ने 20 अप्रैल 2020 को फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी थी। इसी बीच भाई ने एक बार फिर एसएसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। उसने बताया कि उसके खाते से लेनदेन भी हुआ है। पीड़ित की फरियाद पर एसएसपी ने कैंट पुलिस को जांच का आदेश दे दिया। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लग गए। कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की टीम ने गुजरात के राजकोट के बिग बाजार के पास स्थित पिज्जा हट से मंजीत को बरामद कर लिया है। उसकी फोटो घरवालों को भेजकर पुलिस ने पुष्टि भी कर ली है कि यह वही मंजीत है।
टेलीग्राम और सर्विलांस की मदद से खोजा
पुलिस टेलीग्राम और सर्विलांस की मदद से मंजीत की तलाश में जुटी थी। मंजीत लगातार टेलीग्राम पर एक्टिव था और फिर सर्विलांस मददगार साबित हो गई। पुलिस ने टेलीग्राम पर सर्विलांस की मदद से मंजीत को खोजकर तीन साल बाद उसके घरवालों से मिलवा दिया है। इस दौरान मंजीत ने एक बार भी अपने घरवालों से संपर्क नहीं किया था।