सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सरकार को चलाने के लिए दोबारा शपथ ग्रहण किए। आज हम उनकी एक खास कहानी बताने जा रहे हैं। जिसमें उनके पिता अपने बेटे को संन्यासी रूप में देखकर चौंक गए थे। यह बात 1992 की है, जब सीएम योगी ने अपनी मां से गोरखपुर जाने की बात कही और घर से चल दिए। उस समय मां ने सोचा था कि बेटा शायद नौकरी के लिए जा रहा है, लेकिन यहां कहानी दूसरी थी।
योगी आदित्यनाथ को अपने गांव पंचूर से गोरखपुर निकले लगभग छह महीने से अधिक का समय हो गया था, लेकिन उनके बारे में उनके घर वालों के पास कोई सूचना नहीं थी। वह कौन सी नौकरी कर रहे हैं, किस जगह कर रहे हैं। इस बात को लेकर सीएम योगी के पिता परेशान हो गए। इस दौरान सीएम योगी की बड़ी बहन पुष्पा ने अपने पिता को बताया कि गोरखनाथ मंदिर जाइए, वहां आपको सारी सूचना मिल जाएगी।