अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से 31 मई को कोरोना सहित अन्य विषाणुओं, हानिकारक जीवाणुओं और रोगाणुओं के नाश तथा पर्यावरण के परिशोधन के लिए एक साथ गायत्री मंत्र, सूर्य गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र से हवन यज्ञ किया जाएगा। इसे विश्व के 100 से भी ज्यादा देशों के करोड़ों लोग अपने-अपने घरों में करेंगे।
गायत्री परिवार के सदस्य दीनानाथ सिंह ने बताया कि 31 मई को सुबह नौ से शाम पांच बजे के बीच, विश्व में फैले गायत्री परिवार के करोड़ों लोग एक साथ यज्ञ करेंगे। सभी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए अपने घरों में गायत्री मंत्र का 24 बार, सूर्य गायत्री मंत्र पांच बार और महामृत्युंजय मंत्र की पांच बार आहुतियां देंगे।
एक जून को गायत्री मां का प्राकट्य उत्सव है। इससे ठीक एक दिन पहले यह आयोजन होगा। इस आयोजन में कम से कम शहर के 551 परिवारों की सहभागिता रहेगी।
ऑनलाइन दिया जा रहा हवन का प्रशिक्षण
विभिन्न माध्यमों से मंत्रोच्चार और हवन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसमें साधकों को मंत्र और श्लोक का सही उच्चारण, यज्ञ आहुति के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। आयोजन के लिए एक एप तैयार किया जा रहा है।
इन सामग्रियों से होगा हवन :
हवन सामग्री में अमृता, ब्राह्मी, प्रज्ञा घास, गाय का घी, चावल, गुड़, नीम, पाकड़, बेल, नीलगिरी, आम की लकड़ी, कंडे आदि शामिल हैं।