विश्व हृदय दिवस के मौके पर मंगलवार को गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत तिवारी ने कहा कि हृदय रोगी लगातार दवा खाते रहने से काफी हद तक अपने को सुरक्षित रख सकते हैं।
अपने कार्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि कोरोना काल के दौरान घर में रहते-रहते तनाव हो जाना स्वाभाविक है। दिल के मरीजों के लिए यह दौर बहुत चुनौतीपूर्ण है। मरीज नियमित दवा खाते रहें और अपनी पुरानी दिनचर्या पर कायम रहें। इससे उन्हें नई परेशानी से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। रक्तचाप की जांच करवाते रहें।
सीएमओ ने कहा कि कोरोना काल में लोग अलग-अलग वजहों से तनाव में हैं। दिल के 90 फीसद मरीज भी परेशान हैं। वह नियमित दवा खाकर और अपने खानपान पर ध्यान रखकर बीपी को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।
दिल के मरीज ऐसे करें देखभाल
- हृदय रोगियों के लिए इस वक्त सबसे जरूरी दो ही चीजें हैं। पहला घर पर रहें और दूसरा शारीरिक दूरी का ध्यान रखें।
- परिवार के साथ समय बिताएं और तनाव मुक्त रहें।
- धूमपान, गुटका, पान मसाला व शराब आदि किसी प्रकार के नशे का सेवन न करें
- जंक फूड, फास्ट फूड से परहेज करें।
ऐसी होनी चाहिए दिनचर्या
- कोरोना काल का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी नियमित दिनचर्या बिगाड़ लें। अपनी दिनचर्या और सोने-जागने का समय वैसे ही रखें, जैसे पहले था।
- शरीर को आराम दें और पूरी नींद लें। दवाइयों के प्रति लापरवाही न बरतें। क्योंकि अगर आपका सोने-जागने का वक्त बदलता है तो खाने का वक्त भी बदल जाता है, ऐसे में दवाइयां भी समय पर नहीं ले पाते।
- शारीरिक तौर पर सक्रिय रहें। घर में योग और कसरत करें।