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जिस विवादित क्षेत्र को लेकर भारत से हुआ था मनमुटाव, अब वहां जनगणना की तैयारी कर रही नेपाल सरकार

Tue, 29 Sep 2020 03:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर (बढ़नी)।
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भारत नेपाल विवाद। - फोटो : अमर उजाला।
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नेपाल की केपी ओली सरकार विवादित लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्रों में जनगणना कराने की तैयारी कर रही है। नेपाल की राष्ट्रीय योजना आयोग और केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने अगले साल 28 मई से होने वाली 12वीं राष्ट्रीय जनसंख्या और आवास जनगणना में इन विवादित क्षेत्र को शामिल करने की योजना तैयार की है।

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जनगणना से पूर्व लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्रों में डोर टू डोर सर्वेक्षण कराने की तैयारी की जा रही है। ओली सरकार ने चालीस हजार से अधिक प्रगणक और नौ हजार पर्यवेक्षक तैनात किए हैं।

नेपाल में योजना आयोग के सदस्य मिन बहादुर शाही ने बताया कि आयोग कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा में जनगणना की तैयारी कर रहा है। यदि यह संभव नहीं हुआ तो आयोग अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। नेपाल ने छह दशक पहले लिपुलेख में आखिरी जनगणना की थी।
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सर्वेक्षण विभाग के पूर्व महानिदेशक बुद्ध नारायण श्रेष्ठ के अनुसार नेपाली पक्ष ने विवादित क्षेत्र कालापानी के व्यास नगर गांव विकास समिति (गाविस) के तीन गांव- कुंजी, नवी और कुटी में एक अनौपचारिक सर्वेक्षण कराया था और घरों और आबादी की संख्या दर्ज की थी। तब 150 घरों में 723 लोगों की आबादी दर्ज की गई थी। 1991 में भारतीय सुरक्षा बलों ने नेपाली प्रगणकों को कालापानी क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए रोक दी थी।

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