कोरोना संक्रमण के कारण 23 अप्रैल से बंद अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम सोमवार से फिर शुरू हो गया। पहले दिन आठ लोगों ने अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया। इनमें से सिर्फ छह आवेदक ही परीक्षा देने पहुंचे, जिनके लाइसेंस बनाए गए।
कोरोना के कारण संभागीय परिवहन विभाग में लाइसेंस से संबंधित सभी कार्य बंद कर दिए गए थे। कोरोना के मामले कम होने के बाद 31 मई से स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनने शुरू हो गए हैं। 16 जून से लाइसेंस के नवीनीकरण एवं द्वितीय प्रति का काम शुरू हो गया। अस्थायी लाइसेंस का काम एक जुलाई से शुरु होना था, लेकिन कोरोना के मामले कम होने के कारण मुख्यालय ने 21 जून से ही बनाने के निर्देश दिए।
पहले बुक कराए गए स्लॉट को निरस्त कर दिया गया है। मंगलवार को ही सुबह 11 बजे से अस्थायी लाइसेंस के लिए स्लॉट की बुकिंग शुरूहुई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने बताया कि पहले दिन सिर्फ आठ लोगों ने ही अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया। इन्हें इसी दिन का स्लॉट भी मिल गया, लेकिन परीक्षा देने के लिए सिर्फ छह आवेदक ही पहुंचे, जिनके अस्थायी लाइसेंस बनाए गए।
सर्वर ने किया परेशान
संभागीय परिवहन विभाग में सोमवार को स्थायी लाइसेंस एवं लाइसेंस का नवीनीकरण कराने आए आवेदकों को सर्वर के कारण परेशानी का सामना कराना पड़ा। सर्वर नहीं चलने से आवेदकों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान कुछ लोगों ने कोविड गाइडलाइन की अनदेखी भी की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने बताया कि सोमवार को 277 स्थायी एवं 91 नवीनीकरण के आवेदकों को बुलाया गया था, लेकिन बीएसएनएल के कनेक्शन में गड़बड़ी आने के कारण सर्वर डाउन हो गया। ऐसे में लाइसेंस से संबंधित कार्य रुक गए, जिससे आवेदकों की भीड़ लग गई। समस्या को देखते हुए बीएसएनएल के जिम्मेदारों को बुलाया गया। इसके बाद किसी तरह लाइसेंस का काम शुरू हुआ।