सहजनवां से दोहरीघाट के बीच नई रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेल लाइन बिछाने के लिए चिह्नित भूमि का लिडार सर्वे (लाइट डिटेक्शन एंड रैंगिंग) पूरा हो गया है। अब गोरखपुर और मऊ जिला प्रशासन सोशल इंपैक्ट एसिस्मेंट कराएगा, ताकि पता चल सके कि रेल लाइन बिछने से कितनी आबादी को किस तरह का फायदा पहुंचेगा।
सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन का निर्माण करीब 1,320 करोड़ रुपये की लागत से होना है। गोरखपुर और मऊ में 535 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। रेल लाइन बिछाने के लिए लिडार सर्वे कराया गया है। इसके तहत ड्रोन से वीडियो फुटेज ली गई है। लिडार सर्वे के माध्यम से भूमि का आकलन किया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। स्टेशनों और पुलों का निर्माण होगा।
दो जिलों में 74 किलोमीटर लंबी लाइन बिछेगी
गोरखपुर और मऊ जिले में 74 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए दो जिलों की पांच तहसीलों के 111 गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें से 104 गांव जिले की सहजनवां, खजनी, बांसगांव और गोला तहसीलों के हैं।