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Exclusive: गोरखपुर में कंकड़, पत्थर, पत्तों से लेकर ज्ञान, बच्चे बन रहे बुद्धिमान

Wed, 31 Aug 2022 02:35 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।

सार

केंद्रीय विद्यालय की कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विद्या प्रवेश मॉड्यूल चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों को अलग-अलग क्रियाओं, पर्यावरण के साथ संपर्क स्थापित कर पढ़ाया जा रहा है।
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गोरखपुर केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 में अध्यन करते विद्यार्थी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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केंद्रीय विद्यालय नंबर एक, एयरफोर्स के प्राइमरी के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और गणित का बुनियादी कौशल विकसित करने के लिए उन्हें कक्षाओं के साथ-साथ खुले मैदान में भी पढ़ाया जा रहा है। शिक्षक बच्चों को कंकड़, पत्थर, ईंट, पत्तों समेत आसपास उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से खेल-खेल में जोड़ना, घटाना, रंगों की पहचान, क्ले मॉडलिंग, चित्रकारी सीखा रहे हैं।

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शिक्षकों का कहना है कि इस पहल से कक्षा तीन तक के बच्चों की सीखने की क्षमता का विकास तेजी से हो रहा है। केंद्र सरकार के निपुण भारत मिशन के अंतर्गत प्रारंभ किए गए फाउंडेशन लिट्रेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) योजना के तहत इस तरह की गतिविधियों का नियमित रूप से संचालन किया जा रहा है। शब्दों की पहचान और उच्चारण के सही तरीकों पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। विविध दिवसों पर प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी बच्चों की प्रतिभा को निखारा जा रहा है।

 

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ब्रिज कोर्स से दूर करा रहे लर्निंग गैप

कोरोना महामारी की वजह से दो साल तक विद्यालयों के बंद रहने से बच्चों की सीखने की क्षमता प्रभावित हुई है। सुधार के लिए केंद्रीय विद्यालय में कक्षा छह से बारह के विद्यार्थियों के लिए नई कक्षा में प्रवेश के बाद 15 दिन का ब्रिज कोर्स कराया जा रहा है। इसमें पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम का रिवीजन कराया जा रहा है। इसके बाद नई कक्षा के पाठ्यक्रम पर ध्यान दिया जा रहा है।

कक्षा एक के लिए विद्या प्रवेश मॉड्यूल
केंद्रीय विद्यालय की कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विद्या प्रवेश मॉड्यूल चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों को अलग-अलग क्रियाओं, पर्यावरण के साथ संपर्क स्थापित कर पढ़ाया जा रहा है। अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की कमजोरी और मजबूती को जानकर उनके बारे में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

निपुण भारत योजना के अंतर्गत एफएलएन प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को कक्षाओं के साथ-साथ आसपास मौजूद संसाधनों से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। इस पहल से बच्चों की सीखने की क्षमता का विकास हो रहा है।- एसके श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, केवी नंबर एक एयरफोर्स
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