उनकी मांग है कि उन्हें सरकारी सुविधाएं दिलाई जाएं, तभी यह धंधा बंद हो सकता है। जेल जाने से सबको डर लगता है, हमें भी। घर के पुरुष भागे हैं, जिस दिन से चौपाल लगी है, वे घर नहीं आए हैं।
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प्रधान जीतकुमार निषाद ने कहा कि शराब इस समय बंद हो गई है। आगे बंद रहेगी या नहीं, इसके बारे में हम नहीं कह पाएंगे। शराब बनने से गांव की बड़ी बदनामी थी। इस काम में लगे लोगों को सरकारी सुविधा दिलाने के लिए राशन कार्ड व अन्य योजनाओं का फायदा दिलाया जा रहा है। जो लोग बचे हैं उन्हें भी जल्द लाभ दिलाया जाएगा।