जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार की रात में उसकी मौत हो गई। शव घर लाया गया और गुरुवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगी। अंतिम संस्कार के लिए थोड़ी लकड़ी कम पड़ने की जानकारी हुई तो बड़ा भाई मनोज (32) नहर के किनारे पेड़ पर चढ़कर लकड़ी काटने लगा।
इस दौरान वह भी लकड़ी के साथ जमीन पर गिरकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीण व परिजन आनन-फानन तमकुही सीएचसी ले गए जहां चिकित्सकों ने मनोज को भी मृत घोषित कर दिया।
दोपहर बाद दोनों भाइयों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अशोक अविवाहित था जबकि मनोज का पुत्र पांच वर्ष व पुत्री तीन वर्ष की है।