फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर नगर निगम: जागरूकता से लेकर जुर्माना पर जोर, काहे का गीला-सूखा कूड़ा, जब पड़ाव पर हो जा रहे एक

Tue, 23 May 2023 03:12 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर शहर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि कूड़े को अलग- अलग ही दें। इससे शहर की सुंदरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही कूड़े का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
विज्ञापन
गोलघर के इंद्राबाल विहार से रात में कूड़ा उठा रहे नगर निगम कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहर में सभी मोहल्लों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लेने का अभियान शुरू किया गया है। इसको लेकर लोगों को जागरूक करते हुए अलग-अलग कूड़ादान रखवाया जा रहा है। सफाई कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के दौरान लोगों से गीला और सूखा कूड़ा मांग रहे हैं। लेकिन इसके बाद वह खुद ही लापरवाही बरत रहे हैं।

विज्ञापन


मोहल्लों से इकट्ठा कूड़े को पड़ाव केंद्र पर एक साथ गिरा दे रहे हैं। वहां से कूड़े को डंपिंग ग्राउंड तक एक साथ वाहन में लादकर ले जाया जा रहा है। इस वजह से नगर निगम के अभियान पर पलीता लग रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी वजह से कूड़ा लदे डंपर के गुजरने से भारी बदबू उठती है।

नगर निगम के 80 वार्ड से छोटी गाड़ियां कूड़ा उठाती हैं। इनको नजदीक के कूड़ा पड़ाव केंद्र पर ले जाया जाता है। इससे गीला और सूखा गीला एक में मिल जाता है। जबकि स्वच्छ राज्य मिशन की ओर से निर्देश है कि घरों से अलग-अलग कूड़ा लिया जाए, तो उनका निस्तारण भी अलग किया जाए। क्योंकि एक ही डिब्बे में कूड़े को रखने से काफी मात्रा में वह इस्तेमाल करने के लायक नहीं बचता है। हालांकि इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन


नगर निगम के अधिकारियों का कहना कि जरूरत लायक गीला कूड़ा को कान्हा उपवन के पास बने कंपोस्ट केंद्र पर भेजा जाता है। जबकि सूखे कचरे को छंटाई के लिए नेताजी सुभाष चंद बोस नगर में बने एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी) पर ले जाया जाता है। वहां प्लास्टिक, कपड़ों इत्यादि की छंटाई की जाती है। हालांकि अधिकांश जगहों पर यह देखा जाता है कि कबाड़ी ही नगर निगम का आधा काम कर देते हैं। वह कूड़े से बोतल सहित अन्य सामग्री निकाल ले जाते हैं।

 

यह है जुर्माना का नियम

  • घर से कूड़ा अलग नहीं किए जाने पर 200 रुपये जुर्माना का नियम है।
  • घर से निकला हुआ निर्माण कार्य से संबंधी मलबा सड़क पर रखने पर 2000 रुपये जुर्माना।
  • पेड़ों की कटाई और छंटाई के बाद निकला हुआ कचरा सड़क पर रखने पर 2000 रुपये।
  • जानवरों, पक्षियों का अवशेष सड़क पर पाए जाने पर 750 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • होटल, रेस्टोरेंट आदि का कूड़ा अलग-अलग नहीं देने पर 1000 रुपये का जुर्माना
इसे भी पढ़ें: ईगल, बिच्छू पर कार्रवाई हुई तो अब सुर्खियों में आया महाकाल ग्रुप, कई वारदातों को दे चुका है अंजाम

अभियान चला रहे नगर निगम के अधिकारी

गोरखपुर शहर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि कूड़े को अलग- अलग ही दें। इससे शहर की सुंदरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही कूड़े का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।

हरे कूड़ादान में रखें गीला कचरा
सब्जी, बचा भोजन, अंडे के छिलके, रसोई का कचरा, फल के छिलके, सड़े फल आदि
 
विज्ञापन

नीले कूड़ादान में रखें सूखा कचरा

बोतलें, कागज कप, प्लेट, पैकेट अखबार, डिब्बे, बॉक्स, पुराने कपड़े, प्लास्टिक, डायपर, सेनिटरी नैपकिन, पट्टियां, टिशू पेपर, रेजन, प्रयोग में लाई हुई सीरिंज, ब्लेड, स्लाइन की बोतलें आदि को कागज में लपेटकर सूखे कचरे वाले डस्टबिन में डालें।

इसलिए जरूरी है सूखा और गीला कचरा अलग- अलग रखना
पर्यावरणविद् प्रो. गोविंद पांडेय के अनुसार गीला और सूखा कचरा अलग रखना आवश्यक है। गीला कूड़ा के सड़ने से बदबू उठती है। अक्सर ही जब कूड़ा ले जाने वाली गाड़ियां गुजरती हैं, तो उनकी दुर्गंध से लोग परेशान हो उठते हैं। गीला कूड़ा अलग होने से निपटान आसानी से हो जाता है। इसे कंपोस्ट खाद बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि सूखे कचरे से अलग-अलग करके उसका दोबारा प्रयोग किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: शिक्षकों पर लगाया यौन शोषण का आरोप, बोली- शौक है रावण बनने का तो हश्र याद रहे

स्वच्छता रैंकिंग में भी बढ़ते हैं नंबर
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करने और कंपोस्टिंग प्लांट की बेहतर व्यवस्था का सीधा फायदा स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने में मिलेगा। इसके अलावा शहर में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से डंपिंग केंद्रों पर गंदगी नहीं फैलेगी।

सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणिभूषण तिवारी ने कहा कि मोहल्लों से उठने वाले कूड़े को नजदीक के पड़ाव केंद्र पर ले जाया जाता है। फिर जरूरी गीला कचरा इकट्ठा करके उसे कान्हा उपवन, महेवा मंडी के पास बने कंपोस्ट सेंटर पर ले जाया जाता है। सूखे कूड़े को नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर के एमआरएफ सेंटर पर ले जाया जाता है। इसमें यदि किसी तरह की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें