- घर से कूड़ा अलग नहीं किए जाने पर 200 रुपये जुर्माना का नियम है।
- घर से निकला हुआ निर्माण कार्य से संबंधी मलबा सड़क पर रखने पर 2000 रुपये जुर्माना।
- पेड़ों की कटाई और छंटाई के बाद निकला हुआ कचरा सड़क पर रखने पर 2000 रुपये।
- जानवरों, पक्षियों का अवशेष सड़क पर पाए जाने पर 750 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
- होटल, रेस्टोरेंट आदि का कूड़ा अलग-अलग नहीं देने पर 1000 रुपये का जुर्माना
बोतलें, कागज कप, प्लेट, पैकेट अखबार, डिब्बे, बॉक्स, पुराने कपड़े, प्लास्टिक, डायपर, सेनिटरी नैपकिन, पट्टियां, टिशू पेपर, रेजन, प्रयोग में लाई हुई सीरिंज, ब्लेड, स्लाइन की बोतलें आदि को कागज में लपेटकर सूखे कचरे वाले डस्टबिन में डालें।
इसलिए जरूरी है सूखा और गीला कचरा अलग- अलग रखना
पर्यावरणविद् प्रो. गोविंद पांडेय के अनुसार गीला और सूखा कचरा अलग रखना आवश्यक है। गीला कूड़ा के सड़ने से बदबू उठती है। अक्सर ही जब कूड़ा ले जाने वाली गाड़ियां गुजरती हैं, तो उनकी दुर्गंध से लोग परेशान हो उठते हैं। गीला कूड़ा अलग होने से निपटान आसानी से हो जाता है। इसे कंपोस्ट खाद बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि सूखे कचरे से अलग-अलग करके उसका दोबारा प्रयोग किया जा सकता है।
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स्वच्छता रैंकिंग में भी बढ़ते हैं नंबर
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करने और कंपोस्टिंग प्लांट की बेहतर व्यवस्था का सीधा फायदा स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने में मिलेगा। इसके अलावा शहर में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से डंपिंग केंद्रों पर गंदगी नहीं फैलेगी।
सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणिभूषण तिवारी ने कहा कि मोहल्लों से उठने वाले कूड़े को नजदीक के पड़ाव केंद्र पर ले जाया जाता है। फिर जरूरी गीला कचरा इकट्ठा करके उसे कान्हा उपवन, महेवा मंडी के पास बने कंपोस्ट सेंटर पर ले जाया जाता है। सूखे कूड़े को नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर के एमआरएफ सेंटर पर ले जाया जाता है। इसमें यदि किसी तरह की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।