पूर्वांचल की बात करें तो 60 फीसदी आबादी न्यरोडिजनेरशन से पीड़ित है। इन्हें पौष्टिक और औषधीय पदार्थों का मिश्रण दिया जाए तो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा मिलेगा, इससे इनके न्यूरोडिजनेशन कम होंगे। अगर एक बार न्यूरोडिजेनशन कम होने शुरू हुए तो मस्तिष्क सही तरीके से काम करेंगे और डिमेंशिया, पार्किंसन अल्जाइमर जैसी बीमारियां रुक सकेंगी।
बताया कि इस पर एम्स और आयुष विश्वविद्यालय मिलकर काम करेंगे। इसके लिए समझौते पर दोनों संस्थानों के बीच हस्ताक्षर भी हो चुका है।
इनमें मिलते हैं औषधीय गुण, सही मिश्रण जरूरी
डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि करी पत्ता, अश्वगंधा, हल्दी, कसूरी मेथी में औषधीय गुण होते हैं, जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। अगर इनका सही इस्तेमाल किया जाए और तो कई न्यूरो की बीमारियों को रोका जा सकता है। इनके साथ अन्य खाद्य पदार्थों का मिश्रण किया जाए तो अल्जाइमर, पार्किंसन जैसी बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। इस पर शोध खत्म होने के बाद दवाएं बनाने पर काम होगा।