गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बेलीपार इलाके की रहने वाली एक पत्नी ने अपने रिटायर रेलकर्मी पति को पेंशन ना देने पर भगा दिया। शनिवार को पति-पत्नी महिला थाने में आमने सामने हुए तब पूरा मामला सामने आया।
पति-पत्नी सामने बैठे तो पति ने आपबीती बताई जिसके बाद इंस्पेक्टर अर्चन सिंह ने सुलह समझौते की कोशिश की। दोनों को समझाने के बाद तय हुआ कि पति अपनी पत्नी को अलग से दो हजार रुपये खर्च के तौर पर देंगे। चार महीने बाद पुलिस की पहल पर पत्नी ने भी गलती मानी और पति का ध्यान रखने की बात मान गई। दोनों राजी खुशी घर गए।
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार इलाके के एक रिटायर्ड रेलकर्मी ने थाने में महिला थाने में तहरीर देकर कहा कि नौकरी के दौरान उसने कैंट थाना क्षेत्र में पत्नी के नाम से भूमि लेकर मकान बनवाया। करीब चार महीने पहले उनकी पत्नी ने घर से बाहर निकाल दिया। ऐसे में वह बेलीपार में अपने पुश्तैनी घर में रहते हैं।
महिला पुलिस ने उसकी पत्नी को थाने में बुलवाया तो उसने शिकायत की कि उसका पति उसे खर्च के लिए रुपये नहीं देता है। पति ने यह भी कहा कि पत्नी उसका ख्याल नहीं रखती है। वह बच्चों को अधिक समय देती है। महिला पुलिस कर्मियों के समझाने पर दोनों फिर से एक रहने को राजी हो गए।
इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने बताया कि शिकायत पर आपसी विवाद के मामलों में सुलह समझौता कराया जा रहा है। जब बात नहीं बनती है तो केस दर्ज कर कार्रवाई भी की जाती है।
बच्चे नहीं होने पर छोड़ रहा था पत्नी
कैंपियरगंज थाना क्षेत्र का एक युवक शादी के दस वर्ष बाद भी बच्चा नहीं पैदा होने पर पत्नी को छोड़ने जा रहा था। उसने महिला थाना पुलिस को बताया कि वह पिछले चार वर्ष से पत्नी की दवा करा रहा है। बावजूद इसके कोई लाभ नहीं हुआ। पुलिस ने युवक को समझाया तो उसने इंदौर से एक अनाथ बच्चे को गोद ले लिया। दोनों अब राजी-खुशी साथ रह रहे हैं।