गोरखपुर में मूसलाधार बारिश की वजह से गीडा की फैक्टरियों में भी पानी भर गया। इससे उत्पादन ठप होने से कई फैक्टरी संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। उद्यमियों ने इसके लिए गीडा प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आक्रोश जताया है। उद्यमियों का कहना है कि गलत समय पर नाला बनाए जाने की वजह से उद्यमियों को इस तरह की समस्या झेलनी पड़ी है।
गीडा प्रशासन की ओर से औद्योगिक इलाकों के जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नाला का निर्माण कराया जा रहा है। नाला बनाने के दौरान ठेकेदार द्वारा पहले के नाले के बहाव को रोकते हुए नए नाले का निर्माण किया जा रहा है। बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक हुई बारिश से इलाके में काफी पानी इकट्ठा हो गया जो पुराने नाले के ब्लॉक होने के कारण निकल नहीं पा रहा है।
यह पानी अब गीडा की फैक्टरियों में चला गया। इसकी वजह से उद्यमियों को काफी नुकसान हुआ। गीडा स्थित अंबे प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड और बथवाल उद्योग प्राइवेट लिमिटेड में पानी घुस जाने से कपड़ों की प्रासेसिंग रुक गई। वहीं वेल्ड इंडिया, विनायक उद्योग और कई अन्य फैक्टरियों में पानी घुस जाने से गुरुवार को उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा। उद्यमियों का कहना था कि जलभराव की वजह से स्थिति बेहद खराब है। कई फैक्टरियों की मोटर, बिजली के सामान, कच्चा माल और तैयार माल पानी में खराब हो गया है।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि इस वर्ष भी नालियों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन गलत समय पर। नाली बनाते समय एक तरफ नाली को बंद कर दिया जाता है जिससे प्रवाह रुक जाता है और बरसात में हालत और भी खराब हो जाती है। चरणबद्ध तरीके से और युद्ध स्तर पर कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।