महराजगंज जिला अस्पताल में मरीजों के साथ आए तीमारदार काफी परेशान होते हैं। यहां वार्ड बॉय आराम फरमाते हैं, जिला अस्पताल में आए तीमारदार हाथ में ग्लूकोज की बोतल पकड़कर स्ट्रेचर खींचने को मजबूर हैं। मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में सिफ्ट कराने में वार्ड बॉय रूची नहीं लेते हैं। लेकिन जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सोमवार को निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली गांव के रहने वाले शैलेंद्र गुप्ता इमरजेंसी से स्ट्रेचर पर अपनी माता पियारी देवी को मेडिकल वार्ड में ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बीते दिन मां को उल्टी आने लगा तो जिला अस्पताल के इमरजेंसी में दिखाया, जहां डॉक्टर द्वारा हालत गंभीर देखते हुए इमरेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। जिसे मेडिकल वार्ड में ट्रांसफर किया गया है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पता करने पर डॉ. आशिष राय ने बताया कि इमरजेंसी से दूसरे वार्ड में ट्रांसफर होने वाले मरीज को जिला अस्पताल के वार्ड बॉय द्वारा बीएसटी के साथ दूसरे वार्ड में ले जाता है। जिससे वहां के स्टाफ द्वारा मरीज को अपने वार्ड में सिफ्ट कर लिया जाता है।
सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में वार्ड बॉय बीएसटी के साथ ले जाते हैं। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अगर इसमें लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।