गोरखपुर जिले की नौ विधानसभा सीटों पर बृहस्पतिवार को चुनावी रण आज शाम छह बजे खत्म हो जाएगी। बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं की संख्या ऐसे मतदाताओं की थी जो मुखर होकर अपने-अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोट कर रहे थे। वहीं, ऐसे मतदाताओं की तादात ज्यादा थी। जिन्होंने कहा वोट किया, इसका जिक्र नहीं किया। या बताया भी तो गलत बताया।
ईवीएम का बटन किसी प्रत्याशी का दबाया और बाहर आकर किसी और को वोट देना बताया। यह मतदाता चुनाव का समीकरण बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं। इस चुनाव में जिस तरह से उम्मीदवारों ने तैयार कर रखी थी, उससे भी आगे चलकर मतदाताओं ने अपना दिमाग चलाया।
ज्यादातर प्रत्याशियों की हां में हां मिलाई। वोट का आश्वासन सभी को दिया, लेकिन वोट अपने मन का किया। यह समीकरण कई सीटों के वोट का समीकरण बिगाड़ सकता है। मतदान करने वाले राहुल हो या विनय या 70 वर्ष के दीनानाथ, मंगरू और सविता, 30 वर्ष की हीना और अनवर मतदान देकर जब बाहर निकले तो हर प्रत्याशियों के साथ होने की कसमें खाई।
यह तरीका प्रत्याशियों और उनके दिग्गजों को भ्रमित कर रहा है। जिन सीटों पर हार जीत का अंतर कम होगा, वहां इनकी अहमियत और बढ़ जाएगी।