एम्स थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास विशुनपुरवा गांव में पुलिस बल के साथ जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे आवंटी को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। कहासुनी और विरोध के बीच पथराव शुरू हो गया, जिसमें पांच महिलाओं को मामूली चोटें आईं। काफी देर तक अफरा-तफरी का का माहौल रहा। पुलिस ने किसी तरह मौके से दोनों पक्षों को हटाया और मौके से एक जेसीबी कब्जे में ले लिया। घटना को लेकर किसी पक्ष से तहरीर नहीं दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मंगलवार को आवंटी मिठाई लाल का पुत्र जितेंद्र अपने परिवार व सहयोगियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर कब्जे तथा चहारदीवारी निर्माण के लिए पहुंचे थे। जैसे ही काम शुरू हुआ, विशुनपुरवा के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध करने लगे। आरोप-प्रत्यारोप, धक्का-मुक्की हुई। आधा दर्जन महिलाएं चोटिल हो गईं।
चोटिल महिलाओं ने अपना नाम श्रीमती, शीला, आरती, शिवानी बताया है। इस बीच विवाद की सूचना पर एम्स थाना प्रभारी मदन मोहन मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और सभी को समझा बुझाकर मौके पर शांति व्यवस्था कायम कराया। एम्स थाना प्रभारी ने बताया कि किसी को न तो कोई चोट लगी है और न ही ईंट-पत्थर ही चला है।
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जानकारी के मुताबिक, महादेव झारखंडी आवास विकास कॉलोनी विशुनपुरवा की सीमा स्थित गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर गाटा संख्या 122/1/2 खतौनी में राजेंद्र, तेरस, लखपती, सूरज सहित 11 काश्तकारों के नाम अंकित हैं। जबकि, उस जमीन पर दावा करने वाले जितेंद्र पुत्र मिठाई का कहना है सन 1994 में उ.प्र. आवास और विकास परिषद् से प्लाट नंबर 293 का रजिस्ट्री बैनामा कराया था। उसी के अनुसार उन्हें उस जमीन पर कब्जा मिला था। जितेंद्र का कहना है कि उन्होंने दुकान का निर्माण भी कराया था। इस बीच एक विवाद के दौरान वर्ष 2022 में अर्धनिर्मित निर्माण को ढहा दिया गया, जिसका मुकदमा न्यायालय में लंबित है।
इस बीच काश्तकारों की ओर से एसडीएम कोर्ट में धारा 24 के तहत पत्थरनशब का मुकदमा दाखिल किया गया था, लेकिन 10 अप्रैल 2023 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया गया कि यह जमीन काश्तकारी नहीं है।