गोरखपुर (पिपरौली)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली पर तैनात 102 एंबुलेंस सेवा के ईएमटी विजय यादव (33) को सोमवार दोपहर ड्यूटी के दौरान अचानक ब्रेन हैमरेज हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। फिलहाल, परिजन आजमगढ़ में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करा रहे हैं, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
घटना के बाद परिजनों ने एंबुलेंस संचालित करने वाली संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित की पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और अत्याधिक काम का दबाव बनाने की बात कही गई है। भतीजे के अनुसार, कर्मचारियों से प्रतिदिन 300 किलोमीटर एंबुलेंस चलाने का दबाव बनाया जाता है और विरोध करने पर आईडी ब्लॉक या तबादले की धमकी दी जाती है।
आजमगढ़ निवासी परिजनों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद संस्था का कोई जिम्मेदार अधिकारी हालचाल लेने तक नहीं पहुंचा। वहीं अस्पताल सूत्रों के अनुसार, लक्ष्य पूरा करने के लिए फर्जी कॉल के जरिये एंबुलेंस संचालन का दबाव भी बनाया जाता है।
मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।