आंकड़ों की बाजीगरी में जिले की पुलिस माहिर हो गई है। पर्दाफाश के बाद अब लोगों को न्याय देने में भी पुलिस के रिकॉर्ड से इतर ही सच्चाई सामने आ रही है। रिकॉर्ड में भले ही पुलिस से 60.13 प्रतिशत लोग संतुष्ट बताए जा रहे हों, लेकिन हकीकत इसके उलट ही है।
इसकी गवाही रोजाना अफसरों के यहां पर आने वाले फरियादियों की संख्या से लगाया जा सकता है। एक ही मामले में कई बार आने पर जब अफसरों की नजर पड़ती है, तब ही न्याय मिल पा रहा है।
पहले केस दर्ज न होने की शिकायत होती थी तो अब दर्ज केस में कार्रवाई न होने की शिकायतें बढ़ी हैं। दूसरे क्रास एफआईआर को लेकर ज्यादा परेशानी बढ़ी है। आलम यह है कि महिला थाने में दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म जैसे केस में कार्रवाई की जगह पीड़ित को धमकाने तक की शिकायत एसपी तक पहुंची है।
जालसाजी होने के बाद केस दर्ज कराना तो नाकों चना चबाने के बराबर है। शिकायत के बाद जांच और फिर अफसर का आदेश होने पर ही केस दर्ज होता है। इन सब के बीच में फरियादी न्याय की आस लिए एसएसपी से लेकर एडीजी दफ्तर तक का चक्कर काट रहे हैं।
केस एक
24 नवंबर 2021 को (अपराध संख्या 82/21) एक महिला ने महिला थाने में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, छेड़खानी, अप्राकृतिक दुष्कर्म जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। इस मामले में पति के अलावा अन्य आरोपी भी बनाए गए। पुलिस ने आज तक इस मामले में एक भी गिरफ्तारी नहीं की। उलटे पीड़िता का 164 (कोर्ट में बयान) के बाद उसमें से धारा घटाने की धमकी खुद पुलिस ही दे रही है। पीड़िता ने अपने भाई के साथ एसपी सिटी से मुलाकात की, जिसके बाद एसपी सिटी ने पूरी फाइल तलब की है।
केस दो
तीन अगस्त 2022 को रुस्तमपुर निवासी पवन कुमार ने (अपराध संख्या 348/22) जालसाजी और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कराया। जुलाई 2021 में इनके साथ जालसाजी हुई, जिसकी जानकारी होने के बाद मई 2022 में इन्होंने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराया। जांच पूरी होने के बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ। बाद में इन्होंने एसएसपी से मुलाकात की, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज का आदेश हुआ, लेकिन इस प्रकरण में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली का हर महीने ही आकलन कराया जा रहा है। आदेश जारी किया गया है कि लगातार कार्यप्रणाली में सुधार न होने वालों को थानेदारी से हटाया जाए। तीन बार रैंकिंग में कम अंक पाने वाले थानेदार हटाए जाएंगे।