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विकास के रथ पर गोरखपुर: उत्तर प्रदेश लघु उद्योग कारपोरेशन गीडा में बनवाएगा फ्लैटेड फैक्टरी

Sun, 07 Mar 2021 11:08 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।

सार

  • गोरखपुर, लखनऊ और गाजियाबाद में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने को सरकार ने दी है अनुमति
  • गीडा सीईओ से यूपीएसआईसी ने मांगी चार एकड़ जमीन

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश लघु उद्योग कारपोरेशन (यूपीएसआईसी) गीडा में फ्लैटेड फैक्टरी बनवाएगा। प्रदेश सरकार ने लखनऊ और गाजियाबाद के अलावा गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्टरी बनाने को मंजूरी प्रदान की है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपीएसआईसी को दी गई है। इसी क्रम में यूपीएसआईसी ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से चार एकड़ जमीन की मांग की है।  

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केंद्र ने प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर माइक्रो स्मॉल इंटरप्राइजेज कलस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसईसीडीपी) के तहत आगरा और कानपुर में फ्लैटेड फैक्टरी स्थापित करने की मंजूरी दी है। कार्यदायी संस्था यूपीएसआईसी ने आगरा में प्रदेश की पहली फैक्टरी बनानी शुरू कर दी है। वहीं, प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद यूपीएसआईसी ने लखनऊ, गाजियाबाद और गोरखपुर में भी इसी तरह की फैक्टरी के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में गीडा प्रशासन से जमीन की मांग की गई है।

यूपीएसआईसी अधिशासी अभियंता प्रभात वाजपेयी ने कहा कि गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण के लिए गीडा प्रशासन से चार एकड़ जमीन मांगी गई है। जमीन उपलब्ध होने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद दो साल में इसे बनाकर तैयार कर दिया जाएगा।
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गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि यूपीएसआईसी की ओर से फ्लैटेड फैक्टरी के लिए जमीन मांगी गई है। जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
 
 

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भूतल समेत कुल पांच मंजिल की होगी बहुमंजिली फैक्टरी

फ्लैटेड फैक्टरी में श्वेत श्रेणी के प्रदूषणमुक्त उद्योगों को लगाने की अनुमति होगी। यूपीएसआईसी के अधिशासी अभियंता प्रभात वाजपेयी ने बताया कि मानक के अनुसार फ्लैटेड फैक्टरी भूतल समेत कुल पांच मंजिल की होगी। उद्यमियों को लीज के आधार पर फ्लैट आवंटित किया जाएगा। 250 रुपये से लेकर 4000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से फ्लैट की कीमत हो सकती है।

उद्यमियों की मांग के हिसाब से भी फ्लैट का आकार निर्धारित किया जाता है। कानपुर में 600-600 वर्ग मीटर तो आगरा में 1200-1200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का हाल तैयार किया गया है। गोरखपुर में भी जैसी मांग होगी उसी अनुरूप हाल तैयार किया जाएगा। यूपीएसआईसी फ्लैट तैयार करके प्लग एंड प्ले सिस्टम की तर्ज पर आवंटित करेगी। इसमें कम से कम 100 फ्लैट बनेंगे।

केंद्र सरकार से मिलती है 12 करोड़ की ग्रांट
प्रभात वाजपेयी ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी बनाने में 40 से 45 करोड़ रुपये की लागत आती है। केंद्र सरकार की योजना एमएसईसीडीपी के तहत फ्लैटेड फैक्टरी के लिए अधिकतम 12 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलती है। ऐसे में बची रकम के आधार पर फ्लैटों की कीमत निर्धारित होती है। इसमें पार्किंग, मीटिंग हाल, छोटा ऑडिटोरियम, कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा। पांच प्रतिशत एरिया व्यावसायिक इस्तेमाल के हिसाब से भी बनाया जाएगा, जिसमें उद्यमी चाहें तो अपना डिस्पले कर सकते हैं।
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