फ्लैटेड फैक्टरी में श्वेत श्रेणी के प्रदूषणमुक्त उद्योगों को लगाने की अनुमति होगी। यूपीएसआईसी के अधिशासी अभियंता प्रभात वाजपेयी ने बताया कि मानक के अनुसार फ्लैटेड फैक्टरी भूतल समेत कुल पांच मंजिल की होगी। उद्यमियों को लीज के आधार पर फ्लैट आवंटित किया जाएगा। 250 रुपये से लेकर 4000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से फ्लैट की कीमत हो सकती है।
उद्यमियों की मांग के हिसाब से भी फ्लैट का आकार निर्धारित किया जाता है। कानपुर में 600-600 वर्ग मीटर तो आगरा में 1200-1200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का हाल तैयार किया गया है। गोरखपुर में भी जैसी मांग होगी उसी अनुरूप हाल तैयार किया जाएगा। यूपीएसआईसी फ्लैट तैयार करके प्लग एंड प्ले सिस्टम की तर्ज पर आवंटित करेगी। इसमें कम से कम 100 फ्लैट बनेंगे।
केंद्र सरकार से मिलती है 12 करोड़ की ग्रांट
प्रभात वाजपेयी ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी बनाने में 40 से 45 करोड़ रुपये की लागत आती है। केंद्र सरकार की योजना एमएसईसीडीपी के तहत फ्लैटेड फैक्टरी के लिए अधिकतम 12 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलती है। ऐसे में बची रकम के आधार पर फ्लैटों की कीमत निर्धारित होती है। इसमें पार्किंग, मीटिंग हाल, छोटा ऑडिटोरियम, कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा। पांच प्रतिशत एरिया व्यावसायिक इस्तेमाल के हिसाब से भी बनाया जाएगा, जिसमें उद्यमी चाहें तो अपना डिस्पले कर सकते हैं।