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यूपी में खाकी फिर दागदार: तस्करी से छेड़खानी और घूसखोरी तक, एक साल में पांच से अधिक मुकदमे; अब कुशीनगर में दाग

Wed, 05 Aug 2026 03:43 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर / कुशीनगर

सार

अब कुशीनगर पुलिस के दामन पर दाग लगा है। तस्करी से लेकर छेड़खानी और घूसखोरी तक एक साल में पांच से अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं।
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UP Police Controversy - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गोरखपुर में सिपाही ने मासूम बच्ची के अपहरण और दरिंदगी के बाद हत्या की घटना का अंजाम देकर खाकी पर जो दाग लगाया था उसे धुलने के लिए पुलिस महकमे ने मानवीय संवेदना के तहत मदद को हाथ बढ़ाए। गोरखपुर में एसएसपी ने सख्ती की और आपराधिक विवादों में घिरे 45 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। लेकिन, अब कुशीनगर में युवती को जबरन गाड़ी में बैठाकर गलत हरकत करने वाले सिपाहियों ने एक बार खाकी के दामन को दागदार कर दिया है।
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बात करें कुशीनगर की तो पुलिस पर एक वर्ष के दौरान कई गंभीर आरोप लगे हैं। तस्करी, रिश्वतखोरी, छेड़खानी, मारपीट, वसूली जैसे भ्रष्टाचार के मामलों में दस से अधिक सिपाही दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। कई मामलों में पुलिसकर्मी जेल भी जा चुके हैं।
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करीब तीन माह पूर्व रामकोला थाने पर तैनात सिपाही सूरज गिरी, विनोद, जितेंद्र पाल और नितेश कुमार के खिलाफ गांजा तस्करी कराने की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस मामले में सूरज गिरी और नितेश जेल भेज दिए गए थे, बाकी दो सिपाही भाग निकले थे। इसके अलावा तरयासुजान थाने पर तैनात दरोगा आलोक सिंह पर विवेचना से नाम निकलवाने के के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज है।

वहीं, गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआचाफी में पशु तस्करों ने विरोध करने पर एक युवक की हत्या कर दी थी। पूरे प्रदेश में यह मामला गूंजा था। जांच में कसया थाने पर तैनात इंस्पेक्टर अमित शर्मा, तमकुहीराज थाने पर तैनात सुशील शुक्ला समेत हाईवे के थाने और चौकी पर तैनात 26 दरोगा सिपाहियों पर कार्रवाई हुई थी।

एसपी केशव कुमार का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के प्रति विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है। दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वर्दी का धौंस देकर दीदी को स्कार्पियो में बैठाकर ले गए
कुशीनगर के कसया थाने पर तैनात आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव सोमवार देर रात ढाबा संचालक की पिटाई करने लगे तो पड़ोस में रहने वाली दो सगी बहनें बचाव में आईं। आरोप है कि सिपाहियों ने जबरन बड़ी बहन को स्कार्पियो में बैठा लिया और गोरखपुर लेते गए। 

मंगलवार रात बड़ी बहन ने पुलिस के सामने दिए बयान में आरोप लगाया है कि हाईवे पर चलती स्कार्पियो में सिपाहियों ने उसे बैठा लिया और छेड़खानी करते हुए गलत हरकत की। जानकारी के मुताबिक, दोनों बहनें बिहार के सिवान जिले की रहने वाली हैं और कसया में किराए के कमरे में रहकर ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं। 

 

छोटी बहन ने लगाया आरोप, हाईवे पर चलती स्कार्पियो में की गलत हरकत
वहीं, ढाबा संचालक गोरखपुर के बेतियाहाता का रहने वाला है। पुलिस को दी गई तहरीर में छोटी बहन ने बताया कि सिपाहियों ने दो बजे रात को दीदी को थाने ले जाने की बात कहकर स्कार्पियो में बैठा लिया। दीदी का रात भर पता नहीं चला, आरोपी सिपाही मंगलवार संबह 5:30 बजे लाकर कमरे पर छोड़ गए। 

 

दीदी के साथ सिपाहियों ने गाड़ी में गलत हरकत की। वह छोड़ने के लिए मिन्नतें मांगती रही लेकिन आरोपी सिपाहियों को थोड़ी भी दया नहीं आई। आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव दो साल से अधिक समय से कसया थाने पर तैनात था। 

 
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हाईवे पर इसकी सक्रियता अधिक रहती थी। दोनों सिपाही सोमवार की शाम को बाल अपचारी को गोरखपुर छोड़ने के लिए गए थे। युवती के साथ घटी घटना की जानकारी मंगलवार सुबह एसपी को हुई। मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही निकला। देर रात पुलिस ने आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया।
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