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यूपी पंचायत चुनाव: आरक्षण तय होने से पहले कैसे वायरल हो गई असली सूची?

Thu, 04 Mar 2021 10:47 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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पंचायत चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर समेत प्रदेश भर के ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण संबंधी 12 फरवरी को वायरल हुई सूची एक बार फिर चर्चा में है। मंगलवार को जिले स्तर पर ब्लॉक प्रमुख पद के जिस आरक्षण सूची का अनंतिम प्रकाशन हुआ, उसमें और पूर्व में ही वायरल हो चुकी सूची में कोई अंतर नहीं है।

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बुधवार को पूरे दिन इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सभी की जुबां पर एक ही सवाल था कि जब शासन-प्रशासन आरक्षण में पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता का दावा कर रहा था, तो शासनादेश के मुताबिक जिले स्तर पर आरक्षण तय होने के पहले ही ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण वाली सूची कैसे वायरल हो गई?

दरअसल, वायरल और जिले स्तर से जारी आरक्षण सूची में कोई बदलाव नहीं है। क्रम से सभी ब्लॉक, उसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। एक भी ब्लॉक के आरक्षण में फेरबदल नहीं है, न ही नामों के क्रमांक आदि में ही कोई अंतर है।
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ब्लॉक प्रमुख के कितने पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होंगे इसका निर्धारण तो 12 फरवरी को शासन स्तर से कर दिया गया था। मगर कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसकी प्रक्रिया शासनादेश के मुताबिक जिले स्तर पर पूरी की गई। मगर 12 फरवरी की ही रात को ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण की एक सूची वायरल हुई। उस समय तो इसे फर्जी करार दे दिया गया, मगर अब ठीक उसी सूची के मुताबिक आरक्षण तय होने से एक बार फिर तमाम तरह की चर्चा हो रही है।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक, जिले स्तर पर ही ब्लॉक प्रमुख के पदों का आरक्षण तय किया गया है। किसी को कोई आपत्ति हो तो वह आवेदन कर सकता है। वायरल हुई किसी भी तरह की सूची की जानकारी नहीं है।

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