सिद्धार्थनगर जिले के पंचायत चुनाव में सबसे बड़ी कुर्सी जिला पंचायत अध्यक्ष की लड़ाई से पहले ही दावेदारों में शामिल दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सत्ताधारी पार्टी के कई दावेदार मैदान से बाहर हो गए। वहीं, कई ब्लॉकों में प्रमुख पद के भी कई दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) का चुनाव हार गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी इस बार महिला के लिए आरक्षित है। इसके प्रबल दावेदारों में शामिल बढ़नी ब्लॉक के जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या सात से भाजपा प्रत्याशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी चुनाव हार गईं।
वहीं, अध्यक्ष की दावेदारों में शामिल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जनकनंदिनी चौरसिया भी उसका ब्लॉक के जिला पंचायत वार्ड संख्या 40 से चुनाव हार गयीं। जबकि सपा नेता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूजा यादव डुमरियागंज के जिला पंचायत वार्ड संख्या 17 से चुनाव जीतने में सफल रहीं।
जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव हारने वालों में भाजपा के कई दिग्गजों के परिजन भी शामिल हैं, जो खुद को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों में शामिल मानते थे। इनमें भाजपा के दो पूर्व जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं।
उसका ब्लॉक में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित प्रमुख की कुर्सी के दावेदारों में शामिल दयाराम लोधी के परिजन भी क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) का चुनाव हार गए हैं। ऐसे में वह प्रमुख की रेस से पहले ही बाहर हो गए। इसी तरह अन्य ब्लॉकों में भी प्रमुख पद के कई दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) चुनाव हार जाने से पहले ही मैदान से बाहर हो गए।
चार बार हुई काउंटिंग
डुमरियागंज के तुर्कवलिया और झहरांव से बीडीसी सदस्य पद पर कांटे की टक्कर थी। दोनों प्रत्याशियों की मांग पर तीन बार पुनर्मगणना हुई। उसके बाद प्रत्याशी निधि तिवारी तीन वोट से विजयी घोषित हुईं।