लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार .71 फीसदी कम वोट पड़े हैं। कैंपियरगंज, पिपराइच, सहजनवां, खजनी, बांसगांव और चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र की वोटिंग फीसदी में गिरावट आई है।
निर्वाचन आयोग के पास लोकसभा (2019) और विधानसभा चुनाव (2022) के जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक वोटिंग फीसदी में गिरावट हुई है। लोकसभा चुनाव के दौरान नौ विधानसभा क्षेत्रों में जहां 56.97 फीसदी वोट पड़े थे, वहीं इस विधानसभा चुनाव में 56.26 फीसदी मतदाता ही घर से बाहर निकले हैं।
लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार छह विधानसभा क्षेत्रों में कम वोट पड़े हैं। गोरखपुर शहर, गोरखपुर देहात और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां कुछ ज्यादा वोटिंग हुई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र के शिक्षक डॉ महेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि इस विधानसभा चुनाव में वोटिंग अच्छी रही है। 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में ज्यादा वोट पड़े हैं। लोकसभा चुनाव का आंकड़ा नहीं पार हुआ है। हालांकि, वोटिंग का ट्रेंड अच्छा है। तीन विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा वोट पड़े हैं। छह विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लोकसभा चुनाव से कम वोटिंग हुई है।
विधानसभा क्षेत्र 2022 (विधानसभा चुनाव) 2019(लोकसभा चुनाव)
गोरखपुर शहर 53.22 53.18
कैंपियरगंज 58.27 60.46
पिपराइच 63.43 64.98
गोरखपुर ग्रामीण 60.47 59.79
सहजनवां 59.07 61.36
खजनी (सुरक्षित) 52.21 52.39
चौरीचौरा 57.96 59.17
बांसगांव (सुरक्षित) 49.26 50.28
चिल्लूपार 52.76 52.13
कुल 56.26 56.97