कोरोना संक्रमण के कारण 15 जनवरी के बाद भी चुनावी रैली और सभाओं पर निर्वाचन आयोग ने पाबंदियां बनाए रखी तो समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने प्रचार के लिए सोशल मीडिया को सशक्त माध्यम बनाना चुनौती होगा। पार्टी के दावों के इतर गोरखपुर जिले में सपा का आईटी सेल, धरातल पर बहुत कमजोर नजर आ रहा है। कहने के लिए तो इस सेल के लिए अलग से दो कार्यकर्ता पप्पू साहनी और आनंद यादव तैनात हैं, मगर वे उस तरह से सक्रिय नहीं हैं, जैसी दूसरी पार्टियों की आईटी सेल के लोग सक्रिय हैं। शायद यही वजह है कि टिकट के लिए दावेदारी कर चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों ने व्यक्तिगत स्तर पर सोशल मीडिया से प्रचार-प्रसार की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करने वाली फर्म से संपर्क साधा जा रहा है।
पार्टी के भीतर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की संख्या कम है। ज्यादातर शीर्ष नेतृत्व की तरफ से डाले गए पोस्ट को ही शेयर करते दिखते हैं। जिला स्तर पर मुद्दों, पार्टी की रणनीति और दूसरे दलों को घेरने वाली पोस्ट, बयान, वीडियो, कार्टून आदि को प्रचारित करने वालों की संख्या कम है। सोशल मीडिया पर बीजेपी की तुलना में सपा की कम सक्रियता वाली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान से जिले के कई पार्टी नेता भी वास्ता रखते हैं। उनका भी कहना है कि पार्टी के भीतर कोरोना के मद्देनजर इस तरह की तैयारी को लेकर कभी गंभीरता से मंथन नहीं हुआ।
हालांकि, पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि सपा की आईटी सेल किसी से कमजोर नहीं है। पार्टी की पिछली सरकार में विद्यार्थियों के बीच लैपटॉप वितरण हो या तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयास, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार बढ़ावा देते आए हैं। विधानसभा चुनाव में कोरोना की वजह से चुनावी रैली और सभाओं पर रोक के बाद प्रदेश मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक पर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। आईटी सेल में कंप्यूटर और लैपटॉप की संख्या बढ़ाने के साथ दक्ष लोगों और कार्यकर्ताओं की तैनाती की जा रही है।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना साहनी ने बताया कि पार्टी का आईटी सेल बहुत मजबूत है। इसे और मजबूत किया जा रहा, ताकि 15 जनवरी के बाद भी रैली, सभाओं पर प्रतिबंध जारी रहा तो हर व्यक्ति तक पार्टी की नीतियां और काम की जानकारी पहुंचाने के साथ जनता को भाजपा की जनविरोधी नीतियों के बारे में बताया जा सके। पार्टी कार्यालय में आईटी सेल के लिए एक अलग कमरा सुरक्षित किया जा रहा है। उसमें तीन से चार कंप्यूटर और लैपटॉप बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही दक्ष लोगों को तैनात किया जा रहा है। विधानसभा वार भी आईटी सेल का कार्यालय तैयार करने के साथ जरूरी संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं।