विधानसभा चुनाव-2022 का बिगुल बजने के साथ ही समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। हर कोई टिकट को लेकर पार्टी की रणनीति भांपने के साथ अपनी पैरवी को मजबूत करने में जुट गया है। जिले की नौ विधानसभाओं में 100 से अधिक लोगों ने दावेदारी कर रखी है।
चौरीचौरा और शहर विधानसभा में तो 15 से अधिक दावेदारी सामने आई है। शहर की दो ही विधानसभा ऐसी है, जहां से प्रत्याशियों के नामों पर लगभग अंतिम सहमति बन गई है। इनमें एक दक्षिणांचल तो एक शहर से सटी विधानसभा है।
जिले स्तर पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और निवर्तमान महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम की अगुवाई में ही चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि, आयोग की तरफ से लागू की गई पाबंदियों के बीच पार्टी के लिए प्रचार एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। अभी तक पार्टी के किसी भी बड़े कद के नेता की जिले में कोई भी सभा या रैली नहीं हुई है।
ऐसे में जनसभा, रैली, साइकिल रैली आदि पर आयोग की तरफ से लगाई गई रोक आगे भी जारी रही तो पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पार्टी के नेता भले ही अपने आईटी सेल को मजबूत बता रहे हैं, मगर धरातल पर यह दावा उतना मजबूत दिखता नहीं है। गिनती के ही कुछ नेता फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं, वह भी परंपरागत तरीके से। ऐसे में वोटरों के बीच प्रत्याशियों की पैठ बनाना बहुत आसान नहीं होगा।
10 मार्च को भाजपा का साफ होना तय: नगीना
समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, नौजवानों, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, व्यापारियों, कारोबारियों के हित में कोई कार्य नहीं किया। ऐसे में 10 मार्च को भाजपा का साफ होना तय है। सपा सरकार में 300 यूनिट बिजली के लिए बिल शून्य होगा। नौजवानों, छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराया जाएगा। समाजवादी पार्टी से जुड़े सभी लोग विभिन्न प्लेटफार्म पर जाकर भाजपा के झूठ को बेनकाब करेंगे। गरीबों, किसानों, नौजवानों के बुनियादी मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी की तैयारियां पूरी हैं। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर भी पार्टी सक्रिय है। जल्द ही शीर्ष नेतृत्व की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।