यूपी बोर्ड परीक्षा में कई जिलों से लगातार मिल रही पेपर लीक और नकल की सूचनाओं के बाद मुख्य सचिव, एडीजी लॉ एंड आर्डर एवं माध्यमिक शिक्षा प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी, डीआईओएस और बोर्ड परीक्षा से जुडे़ अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। निर्देश दिए गए कि पेपर लीक होने या अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखें। किसी भी दशा में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर अफवाह नहीं फैलाई जाए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि जिले में बोर्ड के प्रश्नपत्र को लेकर जरा सी भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। नियमों का उल्लंघन या शिथिलता बरते जाने पर केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई की जाएगी। जिन परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र रखे हुए हैं वहां की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाए। प्रश्नपत्रों की निगरानी सिर्फ सीसीटीवी कैमरे से ही नहीं बल्कि चौकीदार एवं पुलिस बल के द्वारा भी कराई जाए। परीक्षा के दिन जब प्रश्नपत्र के पैकेट खोले जाएं तो कम से कम तीन लोगों की मौजूदगी रहे। अगर टेंपरिंग की आशंका हो तो तत्काल जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक या एसएसपी को जानकारी दी जाए। 24 घंटे लगातार बोर्ड के प्रश्नपत्रों की निगरानी की जाए।
मोबाइल पर सख्त
पेपर लीक होने में सबसे बड़ा कारण मोबाइल फोन है। इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्र में केंद्र व्यवस्थापक के अलावा सिर्फ अनुमति प्राप्त अधिकारियों के पास ही मोबाइल हों। इसके अलावा किसी शिक्षक, चपरासी, बाबू या अन्य के पास मोबाइल कतई नहीं होना चाहिए। अगर परीक्षा के दौरान किसी के पास मोबाइल मिलता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र पर पूर्णतया मोबाइल प्रतिबंधित का नोटिस लगवाएं।