गोरखपुर में महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर में सड़कें बेहतर हुई हैं। बिजली की व्यवस्था अच्छी हो गई है। गांव-गांव में विकास कार्य हुए हैं। पर्यटन स्थल के रूप में भी गोरखपुर को विकसित किया गया है। ये कहना है गोरखपुर की महिलाओं का। कृष्णा पैलेस हॉल में 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' पहुंचा तो महिलाओं ने खुलकर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। पढ़िए किसने क्या कहा?
विकास कार्यों पर क्या बोलीं महिलाएं?
गोरखपुर में महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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अंजना सिंह ने कहा कि चारों तरफ विकास कार्य हुए हैं। गोरखपुर पूरी तरह से बदल गया है। मेरे गांव का विकास दस सालों से रूका हुआ था। आज मेरे गांव में भी काफी विकास कार्य हो चुके हैं। शशिकला साहनी ने बताया कि वह भी ग्रामीण इलाके से आती हैं। कहती हैं कि अब गांव की स्थिति काफी बदल गई है। पक्की सड़कें बनी हैं। बिजली 24 घंटे मिलने लगी है। वोल्टेज की समस्या भी खत्म हो गई है।
सुषमा जायसवाल ने कहा कि सड़कों को चौड़ा किया गया है। बिजली की समस्या भी खत्म हो गई है। विजय लक्ष्मी राय ने कहा कि गांव और ब्लॉक में काफी स्थिति ठीक हो गई है। सड़कें, बिजली समेत सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
कांग्रेस की चेतना पांडेय ने कहा कि विकास केवल कागजों में हो रहा है। आज अस्पतालों में हालात खराब है। डॉक्टर नहीं है। महिलाएं भी असुरक्षित हैं। अब गोरखपुर और पूरे प्रदेश की राजनीति केवल मंदिर के ईर्द-गिर्द घूम रही है। योगी आदित्यनाथ कई दशक से राजनीति में हैं। उनसे लोगों को काफी उम्मीदें थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
गीतांजलि मौर्या ने कहा कि योगी सरकार ने काफी विकास किया है। वो सभी को दिख भी रहा है। कोरोनाकाल में भी उनकी अच्छी भूमिका रही। घर-घर लोगों को राशन मिल रहा है। गीतांजलि ने कहा कि अगर शिक्षा की पद्धति को बेहतर बनाया जाए तो हमारा समाज और आगे बढ़ेगा।
महिलाओं ने क्या शिकायतें कीं?
गोरखपुर में महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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अंजना ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, समूह में शामिल महिलाओं का मुद्दा उठाया। कहा कि इसमें काम करने वाली महिलाओं का योगी सरकार में कोई विकास नहीं हुआ है। इससे हम लोग काफी आक्रोश हैं। हम लोगों के साथ छलावा हुआ है। विजय लक्ष्मी राय, पुष्पा शुक्ला, सुनीषा श्रीवास्तव, गीतांजलि मौर्या, हेमांती देवी, रेनू पांडेय, किरण देवी, बृजकांति सिंह, दुर्गावती राय, शशिकला, किरण लता, सुजाती देवी समेत सभी महिलाओं ने ये मुद्दा उठाया।
अंजू यादव ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब हम लोगों से योगी आदित्यनाथ मिलने आए थे। उन्होंने उस समय कहा था, 'इस वक्त सपा की सरकार है। अगर मेरी सरकार होती तो मैं आप सभी की शिकायतें दूर कर देता'। अंजू ने कहा कि भाजपा की सरकार आ गई और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री भी बन गए। उसके बाद भी हम लोग उनसे मिलने गए। उन्होंने 120 दिन का समय मांगा था। लेकिन उसके बावजूद कुछ नहीं हुआ।
सुनीषा श्रीवास्तव और हेमांती देवी ने महंगाई का मुद्दा उठाया। कहा, इससे हर कोई परेशान है। हेमांती देवी ने कहा कि महिलाएं अपने परिवार को चलाती हैं। इस वक्त हर घर मध्यमवर्गीय परिवार परेशान है। सब महंगाई की मार झेल रहे हैं। सिलेंडर, पेट्रोल, खाद्य तेल के दाम बढ़ गए हैं। घर की आय नहीं बढ़ी लेकिन महंगाई बढ़ गई है।
किरण देवी ने कहा कि केवल कागजों में काम हो रहा है, जमीन पर कुछ नहीं हुआ है। जो मुफ्त राशन सरकार की तरफ से दिया जा रहा है उसकी क्वालिटी बहुत खराब है। दुर्गावती राय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं जब तक सक्षम हैं, कुछ पैसे कमा ले रहीं हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद क्या होगा इसपे कोई ध्यान नहीं दे रहा। शशिकला ने कहा कि पहले टेट के लिए कोई अंक अनिवार्यता नहीं थी। अब 50% कर दिया है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
किरण लता ने कहा कि महंगाई से हर कोई परेशान है। डॉक्टर और स्कूल वाले बिना बंदूक के गोलियां चला रहे हैं। ये लोग बिल्कुल फीस नहीं कम करते हैं। सुजाती देवी ने कहा कि कोरोनाकाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बहुत काम किया। हर किसी ने इसे स्वीकार भी किया, लेकिन सरकार ने हम लोगों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। सुजाती देवी ने शराब बंदी की मांग भी की। कहा कि पुरुष शराब पीकर पूरे घर को बर्बाद कर देते हैं। इससे परिवार और बच्चे दोनों प्रभावित होते हैं।