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बदल रहा है गोरखपुर: अब सोलर सिटी के रूप में भी होगी गोरक्षनगरी की पहचान-75 हजार भवनों पर स्थापित होंगे संयंत्र

Wed, 28 Aug 2024 02:25 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

हर घर सोलर अभियान में सोलर सिटी गोरखपुर में 75000 आवासीय भवनों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पोर्टल http://pmsuryaghar.gov.in के माध्यम से आवेदन हो रहा है।
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सोलर पैनल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीते कुछ सालों में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति से गोरखपुर की पहचान नॉलेज और मेडिकल सिटी के रूप में होने लगी है। अब आने वाले दिनों में इस पहचान में सोलर सिटी  भी जुड़ जाएगी। प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के जिन शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है, उनमें गोरखपुर का भी नाम प्रमुखता से शामिल है।
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सोलर पैनल से लैस होंगे भवन - फोटो : ANI
गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर खासा जोर दे रही है। इस योजना के लिए नारा दिया गया है "हर घर सोलर अभियान"। यूपीनेडा (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण) के परियोजना अधिकारी गोविंद तिवारी के मुताबिक हर घर सोलर अभियान में सोलर सिटी गोरखपुर में 75000 आवासीय भवनों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके लिए पोर्टल http://pmsuryaghar.gov.in के माध्यम से आवेदन हो रहा है। हर घर सोलर रूफटॉप के लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से भरपूर अनुदान दिया जा रहा है।

इस योजना में सभी श्रेणी के घरेलू विद्युत उपभोक्ता 1 किलोवाट से 10 किलोवाट तक के घरेलू विद्युत कनेक्शनधारी अपने निजी घर की छत पर सोलर रूफटॉप स्थापित कराकर, अनुदान प्राप्त करते हुए 25 वर्षों तक विद्युत खर्च की बचत कर सकते हैं।

हर घर सोलर अभियान में 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 30000 रुपये और राज्य सरकार की तरफ से 15000 रुपये यानी कुल 45000 रुपये का अनुदान मिल रहा है। 2 किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र की तरफ से 60000 व राज्य की तरफ से 30000 यानी कुल 90000 रुपये का अनुदान प्राप्त होगा।
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सोलर - फोटो : अमर उजाला
जबकि 3 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार से 78000 और राज्य सरकार से 30000 रुपये अर्थात कुल 108000 रुपये का अनुदान मिलेगा। अनुदान की राशि लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त होगी।

यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी गोविंद तिवारी ने बताया कि 2 किलोवाट के विद्युत उपभोक्ता सोलर रूफटॉप प्लांट के जरिये औसतन 10 यूनिट विद्युत प्रतिदिन बचत करते हुए लगभग दो हजार रुपये की बचत प्रति माह कर सकते हैं। 2 किलोवाट क्षमता के सोलर रूफटॉप प्लांट के लिए 200 वर्गफीट छत की आवश्यकता होगी।

बाजार दरों पर लगभग 120000 रुपये रजिस्टर्ड वेंडर को भुगतान कर सोलर रूफटॉप स्थापित कराया जा सकता है। इसमें से 90000 रुपये की राशि एक माह में वापस अनुदान के रूप में मिल जाएगी। इस तरह 2 किलोवाट के सोलर रूफटॉप प्लांट ओर लाभार्थी का वास्तविक खर्च महज 30000 रुपये होगा।

और, यह राशि भी एक तरह से 15 माह में विद्युत खर्च की बचत के रूप में वापस प्राप्त हो जाएगी। सोलर रूफटॉप प्लांट से 25 सालों में कुल 528000 रुपये का लाभ अर्जित होगा। इस योजना में 5 वर्षों तक मुफ्त मरम्मत व सर्विस की सुविधा तो मिलेगी ही, सोलर मॉड्यूल की भी 25 वर्ष की गारंटी होगी।

सोलर सिटी की लक्ष्यपूर्ति के लिए विभागवार भी दी गई जिम्मेदारी
सोलर सिटी गोरखपुर में 75000 सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापना की लक्ष्य पूर्ति के लिए विभागवार जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसमें विभिन्न अधिकारियों समेत कुल 47 विभागों को टारगेट दिया गया है। सभी विभागाध्यक्ष अपने सेवारत और सेवानिवृत्त कार्मिकों के निजी घरों पर कम से कम 2 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराएंगे।
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